अमेठी नरसंहार में पत्नी और बेटी ने किया बड़ा खुलासा

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अमेठी-जिले के महोना गांव में मंगलवार रात एक ही परिवार के 10 लोगों की गला रेतकर हत्या कर दी गई जबकि परिवार के मुखिया का शव फांसी के फंदे से लटका मिला। मरने वालों में सात लड़कियां व तीन महिलाएं शामिल हैं। बुधवार सुबह घटना की जानकारी होते ही हड़कंप मच गया।
आक्रोशित ग्रामीणों ने शवों को घर के सामने रखकर घंटों प्रदर्शन किया। गुस्साए लोगों ने मीडिया कर्मियों पर भी हमला कर दिया और एक वाहन को आग लगा दी। पुलिस जहां मुखिया द्वारा पूरे परिवार की हत्या करके फांसी पर लटकने की बात कह रही है वहीं ग्रामीण इस हत्याकांड के पीछे गहरी साजिश मान रहे हैं। मृतक के भाई ने थाने में सामूहिक हत्या की तहरीर दी है।
बाजार शुकुल थाने के महोना कस्बा निवासी जमालुद्दीन (45) कस्बे में ही बैट्री व गैस चूल्हा रिपेयरिंग की दुकान करता था। कस्बे से चंद फासले पर वह परिवार के साथ रहता था। बुधवार रात घर पहुंच उसने घर वालों को एक दवा पीने को दी। कहा, इससे महिलाओं की सभी बीमारियां दूर हो जाती हैं। दवा पीने के बाद परिवार के लोग सो गए। बुधवार सुबह जमालुद्दीन की पत्नी जाहिदा व पुत्री अफसरा बानो अर्ध बेहोशी की हालत में घर से बाहर निकलीं। दोनों की हालत देख ग्रामीण घर के अंदर दाखिल हुए तो सन्न रह गए।

फर्श पर जमालुद्दीन की पुत्री आफरीन (18), मरियम (11), सानिया (8), उजमा (5), जमालुद्दीन के भाई शमसुद्दीन की पत्नी हुस्ना बानो (35), शमसुद्दीन की पुत्री रुबीना (17) व तहसीन बानो (8) के अलावा जमालुद्दीन के भाई रईस की पत्नी तबस्सुम (30) के साथ रईस की पुत्रियों महक (7) और निगार फातिमा (6) के शव पड़े थे। सभी का गला धारदार हथियार से रेता गया था। जमालुद्दीन का शव भी फांसी के फंदे पर लटकता मिला। मौके पर जमालुद्दीन का पुत्र असब (6) व रईस का पुत्र अब्दुल रहमान (7) जीवित मिले। लोगों ने इसकी सूचना दुकान पर सो रहे जमालुद्दीन के 12 वर्षीय पुत्र अमन व 16 वर्षीय भतीजे कमरुददीन पुत्र समशुद्दीन के साथ पुलिस प्रशासन को दी।

अस्पताल में बेटी ने बताया कि पिता ने रात में घर के सदस्यों को दवा भी पिलाई थी जिसके बाद सब सो गए सुबह रजाई हटाकर देखा गया तो सबके गले कटे थे
ग्रामीणों ने जाहिदा और अफसरा बानो को सीएचसी जगदीशपुर में भर्ती कराया। मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। डीएम चंद्रकांत पांडेय व एसपी एसएन सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। आईजी ए सतीश गणेश, मंडलायुक्त सूर्य प्रकाश मिश्र व डीआईजी राकेश चंद्र साहू भी कुछ ही घंटों के अंदर गांव पहुंच गए। पुलिस ने सभी शव पोस्टमार्टम भेजने चाहे तो ग्रामीणों ने शवों को वाहन से नीचे उतारकर हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि किसी ने साजिश के तहत पूरे परिवार की हत्या करने के बाद कहानी गढ़ने के लिए जमालुद्दीन को फांसी के फंदे पर लटका दिया। उग्र भीड़ ने न सिर्फ एक मीडिया कर्मी के वाहन को आग के हवाले कर दिया बल्कि कई पत्रकारों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। आक्रोशित ग्रामीण घंटों बाद शांत हुए तो शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। मृतक जमालुद्दीन के भाई ने थाने में परिवार की सामूहिक हत्या किए जाने की तहरीर दी है। 

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