नई दिल्ली। नोटबंदी को लगभग डेढ़ महीना बीत चुका है। लेकिन देश में अभी भी हालात सामान्य नहीं हुए हैं, लोग कैश कि किल्लत से जूझ रहे हैं। पैसों के लिए बैंकों या एटीएम के बाहर लंबी कतारें लगी हैं।
इस बीच नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि कैश की किल्लत से निजात मिलने में फिलहाल 10 से 20 दिन और लग जाएंगे।
अमिताभ कांत ने कहा कि करीब 12 लाख करोड़ रुपए की करेंसी बाजार तक पहुंचने में समय लगेगा और इसके बाद ही कैश की किल्लत से छुटकारा मिल पाएगा।
नीति आयोग के सीईओ के मुताबिक, भविष्य में सरकार डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए कैशलेस ट्रांजेक्शन पर टैक्स भी लगा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार कैशलेस ट्रांजैक्शन पर जोर दे रही है और हो सकता है कि भविष्य में कैश पेमेंट पर टैक्स भी लग जाए।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमिताभ कांत ने कहा कि देश में विकास दर को बनाए रखने के लिए डिजिटाइजेशन अहम है, क्योंकि भारत उस स्थिति में नहीं है कि वो कैश ट्रांजेक्शन से एक पैरेलल (समांतर) इकोनॉमी को चला सके।
उन्होंने का कांत ने कहा कि भारत एकलौता ऐसा देश है, जहां 100 करोड़ से ज्यादा लोग बायोमैट्रिक आधारित आईडी-प्रूफ से जुड़े हुए हैं। यह भारत के लिए पॉजिटिव है।
अमिताभ कांत ने कहा कि 8 नवंबर को नोटबंदी के ऐलान के बाद सभी तरह के डिजिटल ट्रांजेक्शन में कई गुना इजाफा हुआ है। पहले डिजिटल ट्रांजेक्शन पर 1.5 से 2 फीसदी का चार्ज लगता था, तब ऐसे ट्रांजेक्शन बहुत कम होते थे। अब काफी बढ़ गए हैं। इसलिए इसमें लगने वाले चार्ज को भी हटा दिया गया है।