बैंक मैनेजर ने महिला को सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा



अमरोहा। नोट बंदी के चलते लोगो को बड़ी कठनाई का सामना करना पड़ रहा है। और इस का फायदा बैंक मैनेजर उठा रहे है। यहां तक बैंक मैनेजर दस प्रतिशत के हिसाब से रुपये बदल कर अपनी जेब भर रहे है। और खाता धारक को कैश नही मिल रहा, खाता धारक के घर अगर भूखे भी है और बैंक मैनेजर को अपनी परेशानी बताकर भी अपना ही पैसा मांग रहे है। तो उन्हे सिर्फ धक्के के शिवा कुछ नही मिल रहा है। ऐसा ही एक मामला जनपद अमरोहा के थाना नौगांवा सादात क्षेत्र के गांव खेड़ा अपरौला में प्रथमाबैंक में देखने को मिला। बतातें चले की थाना क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर जहूर हसन में खुर्शीद का परिवार रहता है। खुर्शीद पेशे से मजदूर है , खुर्शीद के बेटे रिहासत की करीब तीन दिन बाद सुल्तान पुर से दिल्ली बारात जानी है इसी को लेकर पैसे के लिए खुर्शीद परेशान रहता है। खुर्शीद ने अपनी पत्नी मुकनिया को खेड़ा अपरौला प्रथमा बैंक से तीस हजार रुपये निकालने भेजा , जब मुकनिया बैंक मैनेजर से मिली और अपने बेटे की शादी का हवाला देते हुए तीस हजार रुपये देने की मांग की तो मैनेजर दिनेश सैनी ने डीएम से लिखवाकर लाने की बात कही।

मुकनिया अपने पुत्र रिहाशत को लेकर डीएम वेदप्रकाश से पच्चीस हजार रुपये लिखवाकर लाई और सुबह करीब सात बजे आकर बैंक की लाईन में लग गयी , लाईन मे लगे लगे मुकनिया को शाम के चार बज गये इतने में बैंक का कैश खत्म हो गया था, जब मुकनिया का बेटा रिहाशत ने बैंक मैनेजर दिनेश सैनी को जिला अधिकारी का लैटर दिखाते हुए पैसो की मांग की तो मैनेजर ने कैश ना होने की बात कही। तभी रिहाशत ने अमरोहा की बैंक के खाते मे ट्रांस्फर करने को कहा तो बैंक मैनेजर ने उसकी किताब लेकर फार्म भरने को कहा रिहाशत ने फार्म भरकर मैनेजर को दे दिया उसके बाद बैंक मैनेजर टालता रहा काफी देर होने के बाद रिहाशत ने अपनी पासबुक मांगी मैनेजर ने रिहाशत को पासबुक भी नही दी तो रिहाशत ने इसकी शिकायत डीएम से करने की बात कही तो बैंक मैनेजर का पारा सातवे आशमान पर चड़ गया और रिहाशत को बैंक से धक्के मारता हुआ बहार सड़क पर ले आया।

यह देख बाहर खड़ी रिहाशत की मा ने अपने बेटे को बचाने गयी तो फिर बैंक का पूरा स्टाफ आया और मां बेटो को गाली देते हुए मां बेटो को सड़क पर लात घूंसो से पिटने लगे । इतने मे ड्यूटी कर रहे पुलिस वालों ने आकर मां बेटे को बैंक के स्टाफ से बचाया , देखते ही देखते ग्रामीणों की भीड़ इक्टठा हो गयी , मामला बिगड़ता देख पुलिस ने पूरे स्टाप को बैंक में बंद कर दिया। मामले की सूचना पर नौगांवा एसओ ने मौके पर आकर हात काबू किये , और पुलिस ने छ: घंटे की बड़ी मसक्कत के बाद रात नौ बजे पुलिस प्रोटेक्शन मे लेकर थाने पहुँची उसके बाद जमानत पर बैंक मैनेजर दिनेश सैनी को छोड़ दिया। मगर अभी तक कोई कार्यवाई नही हुई।

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