ग्रामीणों ने बच्चों को युवकों के चंगुल से कराया मुक्त-अमेठी


अमेठी-शनिवार देर रात संग्रामपुर थानाक्षेत्र के सहजीपुर रेलवे क्रासिंग के पास एक चार पहिया वाहन अनियंत्रित होकर सिग्नल से टकरा गया। गाड़ी पर आठ नाबालिक बच्चों को बैठाया गया था। आस-पास के लोगों के मुताबिक बच्चों को सीवान में ले जाकर हाथ बाधकर बैठा दिया गया था। इसी बीच सीवान में बच्चों के रोने की आवाज सुनकर आस-पास गांव के लोग सक्रिय हो गये। लोगों का हुजूम पहले सीवान में गया तो बच्चों का हाथ खोलकर बाहर लाया। जब बच्चों ने बताया कि उन्हें दावत खाने के नाम पर ले जाया जा रहा है। तब ग्रामीणों ने पहले साथ के तीन युवकों की धुनाई की और संग्रामपुर और आरपीएफ को मामले की जानकारी दी। 

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, प्रभारी निरीक्षक सीपी जैसल ने क्रासिंग पर जाकर बच्चों और साथ ले जा रहे लोगो को थाने लाये। पुलिस ने फैजाबाद जिले की पुलिस से संपर्क करके बच्चों के परिजनों को सूचना दी। रविवार दोपहर बाद बच्चों के परिजन थाने आये और जानकारी दी कि बच्चे बेकरी पर काम करते हैं। उसी पर काम करने के लिए वह प्रतापगढ़ जिले के जोगापुर की बेकरी पर जा रहे थे। इसके एवज में उन्हें पैंतीस रुपये मिलता है। प्रभारी निरीक्षक सीपी जैसल ने बताया कि बच्चों के अपहरण की सूचना पर आठ बच्चों को तीन लोगों के साथ थाने लाया गया था। सभी बच्चे फैजाबाद जिले के करौदी मवई गाव के निवासी हैं। परिजनों ने लिखित रूप से जानकारी दी है कि उनके बच्चों को उनकी मर्जी से प्रतापगढ़ जिले के जोगापुर ले जाया जा रहा था। सभी को परिजनों की सुपुदर्गी में दे दिया गया है। अपहरण का आरोप गलत पाया गया है। बताया कि रेलवे के सिग्नल में भी वाहन टकराया है। वाहन के विरूद्व रेलवे पुलिस मामला दर्ज करके कार्रवाई करेगी।

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