पांच सौ और हजार के नोट बंद होने के बाद से ग्रामीण क्षेत्रों में एटीएम भी बंद पड़े हैं। ग्राहक रोज 10 से 15 किलोमीटर की दौड़भाग करने के बाद एटीएम तक पहुंचते हैं लेकिन उन्हें बैरंग लौटना पड़ता है। नौ नवंबर के बाद से कई गांवों में स्थित एटीएम पर अब तक कैश ही नहीं लोड कराया जा सका है। ग्रामीण क्षेत्र के बैंक अधिकारियों के मुताबिक बैंक शाखाओं पर और शहर क्षेत्र के एटीएम पर ही मांग के सापेक्ष कैश पूरा नहीं हो पा रहा है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के एटीएम में रुपये डाल पाना मुश्किल है।
कुड़वार बाजार में बैंक ऑफ बड़ौदा व केनरा बैंक के एटीएम है। दोनों एटीएम पर आठ नवंबर से कैश का लोड नहीं डाला गया। कुड़वार बाजार से सटे सरकौड़ा निवासी मो. जुनेद बताते हैं कि वे रोज दो किलोमीटर का चक्कर लगा रहे हैं। एटीएम से कैश नहीं मिल रहा है। पूरे तिलक तिवारी गांव निवासी सुभाष तिवारी का कहना है कि पहले कभी-कभार एटीएम का संचालन होता था। जब से नोटबंदी हुई है, तब से एटीएम पूरी तरह ठप है।
लंभुआ तहसील मुख्यालय पर एचडीएफसी, एसबीआई, पीएनबी व इंडिया-1 के एटीएम लगे हैं। इसमें एसबीआई, पीएनबी व इंडिया-1 एटीएम पर ग्राहक मंगलवार को भी कैश नहीं पा सके। सिर्फ एचडीएफसी के एटीएम पर कैश था। इसके लिए भोर से ही लोग कतार लगाए थे। देर शाम तक वहां भी कैश खत्म हो गया था। भरसारे गांव निवासी जितेंद्र सिंह ने बताया कि उनके गांव की दूरी लंभुआ से करीब सात किलोमीटर है।
तीन दिनों से वे कस्बा स्थित एटीएम का चक्कर लगा रहे हैं। कतार में लगने के बाद जब उनकी बारी आई तो एटीएम पर कैश खत्म हो गया। शिवगढ़ निवासी संतोष सिंह ने बताया कि उनका घर तहसील मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर पड़ता है। लंभुआ में कई दिन से वे एटीएम पर कतार लगाकर खड़े हुए लेकिन कैश नहीं मिला। यही हाल अखंडनगर के एटीएम का रहा। अखंडनगर कस्बे के निकट दो एटीएम है।
एक एसबीआई व दूसरा बैंक ऑफ बड़ौदा का है। दोनों एटीएम पर छह दिनों से कैश नहीं है। क्षेत्र के लोरपुर निवासी दिनेश पांडेय, ताजुद्दीनपुर निवासी प्रमोद तिवारी ने बताया कि नोटबंदी के बाद से एटीएम पर ताला लटका है। पहले भी एटीएम का संचालन नहीं होता था। बैंक अधिकारी ग्रामीणों की परेशानी पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वहीं, कूरेभार, गुप्तारगंज, धनपतगंज, मोतिगरपुर, दोस्तपुर समेत अन्य बाजारों में स्थित एटीएम में कैश नहीं लोड किया जा सका है।
एलडीएम एसपी श्रीवास्तव ने बताया कि मांग के सापेक्ष कैश नहीं मिल पा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के एटीएम पर कैश नहीं लोड हो पा रहा है। जल्द ही व्यवस्था पटरी पर आने की उम्मीद है।(AMAR UJALA)
लंभुआ तहसील मुख्यालय पर एचडीएफसी, एसबीआई, पीएनबी व इंडिया-1 के एटीएम लगे हैं। इसमें एसबीआई, पीएनबी व इंडिया-1 एटीएम पर ग्राहक मंगलवार को भी कैश नहीं पा सके। सिर्फ एचडीएफसी के एटीएम पर कैश था। इसके लिए भोर से ही लोग कतार लगाए थे। देर शाम तक वहां भी कैश खत्म हो गया था। भरसारे गांव निवासी जितेंद्र सिंह ने बताया कि उनके गांव की दूरी लंभुआ से करीब सात किलोमीटर है।
तीन दिनों से वे कस्बा स्थित एटीएम का चक्कर लगा रहे हैं। कतार में लगने के बाद जब उनकी बारी आई तो एटीएम पर कैश खत्म हो गया। शिवगढ़ निवासी संतोष सिंह ने बताया कि उनका घर तहसील मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर पड़ता है। लंभुआ में कई दिन से वे एटीएम पर कतार लगाकर खड़े हुए लेकिन कैश नहीं मिला। यही हाल अखंडनगर के एटीएम का रहा। अखंडनगर कस्बे के निकट दो एटीएम है।
एक एसबीआई व दूसरा बैंक ऑफ बड़ौदा का है। दोनों एटीएम पर छह दिनों से कैश नहीं है। क्षेत्र के लोरपुर निवासी दिनेश पांडेय, ताजुद्दीनपुर निवासी प्रमोद तिवारी ने बताया कि नोटबंदी के बाद से एटीएम पर ताला लटका है। पहले भी एटीएम का संचालन नहीं होता था। बैंक अधिकारी ग्रामीणों की परेशानी पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वहीं, कूरेभार, गुप्तारगंज, धनपतगंज, मोतिगरपुर, दोस्तपुर समेत अन्य बाजारों में स्थित एटीएम में कैश नहीं लोड किया जा सका है।
एलडीएम एसपी श्रीवास्तव ने बताया कि मांग के सापेक्ष कैश नहीं मिल पा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के एटीएम पर कैश नहीं लोड हो पा रहा है। जल्द ही व्यवस्था पटरी पर आने की उम्मीद है।(AMAR UJALA)
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