
नई दिल्ली। हजरत मौलाना सैयद अरशद मदनी की लीडरशिप में हुए राष्ट्रीय एकता सम्मेलन में दुनिया भर से मु्स्लिम हिस्सा लेने के लिए आए। उन्होंने देश में एकता का संदेश दिया और कहा कि इस समय भारत की स्थिति जितनी चिंताजनक हैं उसका अतीत में कोई उदहारण नहीं मिलता। केंद्र में सत्ता परिर्वतन के बाद से एक के बाद एक जो घटनाएं हो रहीं हैं इससे कोई संदेह नहीं हैं कि भारत फांसीवाद की चपेट में आता जा रहा है। देश में सांप्रदायिक और अराजक शक्तियों का बोलबाला हो गया है। 1947 में देश के विभाजन के समय भी इतनी दयनीय औऱ चिंताजनक स्थिति नहीं थी जितनी कि आज हैं जिसने प्रत्येक देश-भक्त को चिंतित कर दिया है।
अरशद मदनी ने बीजेपी और आरएसएस को याद दिलाते हुए कहा की हमारे पूर्वजों ने देश की स्वतंत्रता के समय देश के निर्माण, विकास के सुंदर सपने संजोए थे। भारत को स्वर्ग बनाने के लिए खाका तैयार किया था। लेकिन अफसोस कि उनके उत्तराधिकारियों ने अपनी संकुचित और भेदभाव की मानसिकता से उन सपनों को तोड़ दिया है।
अरशद मदनी ने बीजेपी और आरएसएस पर आरोप लगाया की मई 2014 में केंद्र में सत्ता परिर्तन के बाद से पिछले 20-21 महिनों में जो स्थितियां पैदा हुईं और शासकों का जो व्यवहार और काम करने का तरीका जो सामने आया है, वह भारत की पॉलिटिकल हिस्ट्री का ब्लैक चैप्टर है। आज बढ़ती हुई असहिष्णुता के माहौल से ना केवल पूरा देश अशांत हैं बल्कि उसने वर्ल्ड कम्युनिटी को भी भारत के लिए चिंतित कर दिया है।