नई दिल्ली । राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अपनी एक रिपोर्ट के माध्यrम से यह खुलासा किया है कि छत्तीसगढ़ के बस्तर में पुलिसकर्मियों के जरिये कथित तौर पर 16 महिलाओं का बलात्कार किया गया। इसके साथ ही राष्ट्रीय मनावाधिकार आयोग ने महिलाओं पर हुए इस अत्याचार के लिए राज्य सरकार को भी जिम्मेेदार माना है और उन्हें इससे संबंधित एक नोटिस भी भेजा है।
NHRC ने प्रथम दृष्टतया पाया है कि छत्तीसगढ़ में राज्य पुलिसकर्मियों द्वारा 16 महिलाओं के साथ बलात्कार, यौन और शारीरिक हमला किया गया है।आयोग ने यह भी कहा कि वह 20 अन्य महिलाओं के बयान दर्ज नहीं कर पाया और NHRC ने एक माह के भीतर इन महिलाओं के बयान की मांग की है। आयोग के जरिये की जा रही जांच में 20 और महिलाओं के बयान रिकॉर्ड किए गए है, जिनके साथ सुरक्षाबलों ने दुराचार का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने महिलाओं के प्राइवेट पार्ट्स को नुकसान भी पहुंचाया।
आयोग ने कहा, “इन घटनाओं की अधिकतर पीड़ित महिलाएं आदिवासी हैं। हालांकि, किसी भी मामले में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम लागू नहीं किया गया। आयोग ने अपने मुख्य सचिव के माध्यम से राज्य सरकार को नोटिस भेजकर इस बात का कारण पूछा है कि क्यों नहीं इसे उनके लिए अंतरिम 37 लाख रुपये की आर्थिक मदद की अनुशंसा करनी चाहिए।
इसी वजह से पीड़िताओं को SC/ST एक्ट के जरिये आने वाली आर्थिक राहत प्रदान नहीं की गई। इसमें बलात्कार की 8 पीड़िताओं के लिए तीन-तीन लाख रुपये और यौन हमले की छह पीड़िताओं के लिए दो-दो लाख रुपये और शारीरिक हमले की दो पीड़िताओं के लिए 50-50 हजार रुपये शामिल हैं।