पुलिस के हत्थे चढ़े ‘सीरियल रेपिस्ट’ सुनील ने पूछताछ में यह खुलासा किया है कि वह हर सप्ताह शिकार की तलाश में ट्रेन से दिल्ली आता था। छह दिन अपने गांव में काम करने के बाद सप्ताह के अंत में वह ट्रेन से गाजियाबाद उतरता था और वहां से लेकर दिल्ली के यमुनापार के विभिन्न इलाकों में होते हुए स्कूली बच्चियों के रूप में अपने शिकार की तलाश करता था।
लाइव हिंदुस्तान रिपोर्ट के अनुसार पुलिस की पूछताछ में आरोपी सुनील ने कई चौकाने वाले खुलासे किए हैं। सूत्रों के मुताबिक उसने पुलिस को बताया है कि वह 500 से ज्यादा बार दुष्कर्म कर चुका है। अकेली बच्चियों को देखकर वह उनसे कहता था कि उसके पापा या मम्मी ने बुलाया है। वह बच्चियों को कुछ सामान भी देता था। इसके बाद वह बच्चियों को सुनसान जगह पर लेकर जाता था। यहां उन्हें हवस का शिकार बनाता था। इसके बाद ट्रेन पकड़कर उत्तर प्रदेश स्थित अपना गांव चला जाता था।
14 साल दिल्ली में रहकर दर्जी का काम किया था : आरोपी सुनील के निशाने पर खासतौर से आठ से पन्द्रह साल के बीच की बच्चियां होती थीं। डीसीपी ओमबीर सिंह ने बताया कि वह 1990 से 2004 तक दिल्ली में रहा। इस दौरान उसने दर्जी का काम किया। लेकिन यहां रहते हुए भी छेड़छाड़ सहित कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया। मामले की जांच में जुटी पुलिस अब उससे सख्ती से पूछताछ कर उसकी करतूतों का पता लगाने में जुटी हुई है। इसके लिए पुलिस ने संबंधित थानों की पुलिस से भी संपर्क किया है।
सीसीटीवी फुटेज से पकड़ा गया आरोपी: पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिये ‘सीरियल रेपिस्ट’ को गिरफ्तार किया है। डीसीपी के मुताबिक जांच के दौरान जब यह खुलासा हुआ कि आरोपी ने किस जगह वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद उस इलाके में सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया। फुटेज में आरोपी के दिखाई देने पर उसकी फोटो तैयार की गई। फिर पुलिस ने न्यू अशोक नगर व आसपास के इलाके के लोगों को फोटो दिखाकर उसकी पहचान के लिए करीब पन्द्रह दिनों तक अभियान चलाया। पहचान के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
कल्याणपुरी से इस आरोप में भगाया गया था: मामले की जांच में जुटी पुलिस ने बताया कि आरोपी की फोटो दिखाने का सिलसिला चल रहा था तो कल्याणपुरी निवासी एक शख्स ने उसकी पहचान की। उसने यह बताया कि आरोपी वर्ष 2000 के आसपास उसके पड़ोस में ही रहता था। उस वक्त भी उसकी आदतें खराब थीं। वह आसपास की महिलाओं और बच्चियों पर बुरी नजर रखता था। एक बार तो इस आरोप में पकड़े जाने पर इलाके के लोगों ने उसकी धुनाई भी की थी। बाद में उसे भगा दिया गया था।
आपके घर में हैं बच्चे तो सावधानी बरतें
- बच्चों से बातचीत कर यह जानने का प्रयास करें कि कहीं वह किसी हिंसा का शिकार तो नहीं हो रहे हैं।
- बच्चों को पढ़ाने के लिए जब शिक्षक घर पर आए तो भी अपनी नजर रखें।
- बच्चों को किसी के साथ छोड़ने से बचें। कई बार जानकार ही बनाते हैं बच्चों को अपना हवस का शिकार।
- छोटे बच्चों को अकेले बाजार या दुकान पर भेजने से भी बचें।
- बच्चों से बातचीत कर यह जानने का प्रयास करें कि कहीं वह किसी हिंसा का शिकार तो नहीं हो रहे हैं।
- बच्चों को पढ़ाने के लिए जब शिक्षक घर पर आए तो भी अपनी नजर रखें।
- बच्चों को किसी के साथ छोड़ने से बचें। कई बार जानकार ही बनाते हैं बच्चों को अपना हवस का शिकार।
- छोटे बच्चों को अकेले बाजार या दुकान पर भेजने से भी बचें।