नई दिल्ली: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में कांग्रेस के ‘जन वेदना सम्मेलन’ में कहा कि बीजेपी की फिलॉसफी डरा कर शासन करने की है. जबकि कांग्रेस की फिलॉसफी सबको एक साथ लेकर चलते हुए किसी को डराने की नहीं है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के रहते किसी को डरने की जरूरत नहीं है.
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार राहुल ने नोटबंदी पर पीएम मोदी से सवालिया लहजे में पूछा कि बताइए कि इस फैसले के बाद कितना काला धन वापस आया. उन्होंने कहा कि भाजपा, आरएसएस और नरेंद्र मोदी ने आरबीआई जैसे संस्थानों को कमजोर कर दिया है. राहुल ने कहा, हम उनसे (भाजपा और आरएसएस) नफरत नहीं करते, लेकिन हम उनकी विचारधारा को परास्त करेंगे और उन्हें सत्ता से हटाएंगे.
उन्होंने कहा, हमने किसानों से कहा, डरिए मत, आपकी जमीन आपकी ही है. कभी चिंता मत करना, लेकिन नरेंद्र मोदी ने क्या किया? उन्होंने लोगों में डर पैदा कर दिया...किसानों को लगता है कि उनकी जमीन छीन ली जाएगी.
राहुल ने कहा कि मोदी जहां भी जाते हैं, भले ही कोई राज्य है, वह डर का माहौल पैदा कर देते हैं, और उसके बाद ये लोग डर को गुस्से में बदल देते हैं. हम इसके ठीक विपरीत हैं. हम असल में लोगों की रक्षा करते हैं और उनसे कहते हैं कि डरो मत.
पीएम मोदी पर हमला जारी रखते हुए राहुल ने कहा, मोदी जी ने कहा कि नोटबंदी भ्रष्टाचार के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक है. सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में मैं एक बात बता रहा हूं- उनलोगों ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारतीय सेना इजरायली सेना जैसी हो गई. क्या उनके कहने का ये मतलब है कि हमारी सेना इससे पहले इजरायली सेना से कमतर थी. हम कहते हैं कि हमारी सेना हमेशा इजरायली सेना से बेहतर थी, है और रहेगी.
इससे पहले सुबह नोटबंदी को लेकर जन वेदना सम्मेलन में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि नोटबंदी एक खराब फैसला था. लोग पूछ रहे हैं कि अच्छे दिन कब आएंगे. 2019 में कांग्रेस की सरकार से अच्छे दिन आएंगे. इस सरकार में लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर हो रही है. RBI गवर्नर के पद को हास्यास्पद बना दिया गया है. हमने 70 साल तक संस्थाओं का आदर किया. ये लोग देश की आत्मा को खत्म करने में लगे हैं.
राहुल ने कहा कि ढाई साल पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने वादा किया था कि हिन्दुस्तान को स्वच्छ बना दूंगा. सभी को झाड़ू भी पकड़ाया, फैशन था, तीन-चार दिन चला, खुद भी झाड़ू पकड़ा, फिर भूल गए. इसके बाद मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया जैसी कई योजनाएं लाएं. लेकिन लोगों ने साफ देखा कि जब बीजेपी नेताओं ने झाड़ू पकड़ा हुआ था तो गलत पकड़ा था. पीएम मोदी ने भी सही नहीं पकड़ा था.