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पटना के गंगा दियारा से पतंगोत्सव मना लौट रहे 70 लोगों से भरी एक नाव गंगा में समा गई। जिसमें 22 लोगों की मौत हो गई। शनिवार को मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर पर्यटन विकास निगम की ओर से गंगा दियारा में पतंगोत्सव की आयोजन किया गया था। जिसमें हजारों की तादाद में लोग पतंगोत्सव देखने गए थे।
शनिवार शाम करीब पौने छह बजे प्राइवेट नाव सबलपुर दियारा से एनआईटी घाट के लिए खुली। उस नाव की क्षमता 20 लोगों की थी लेकिन उस नाव में 70 लोग सवार हो गए। नाव करीब 15 से 20 मीटर ही आगे बढ़ी थी कि नाव मोटर अचानक बंद हो गई और नाव डूबने लगी। नाव को डूबता देख उसमें सवार लोगों में अफरातफरी मच गई। कुछ लोगों ने तैरकर अपनी जान बचा ली लेकिन 22 लोग अपनी जान नहीं बचा पाए और करीब 20 लोग अभी भी लापता है। मृतकों में 15 की पहचान हो गई है जबकि सात शवों की शिनाख्त अभी तक नहीं हुई है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नाव हादसे पर दुख जताते हुए अधिकारियों को इस हादसे की जांच करने का आदेश दिया है। नाव हादसे की जानकारी मिलते ही राज्य आपदा प्रबंधन बल-एसडीआरएफ घटनास्थल पर पहुंच गई है। जिलाधिकारी सहित शासन-प्रशासन के अधिकारी भी वहां पहुंच चुके हैं। डीएम के अनुसार हादसे में शाम सात बजे तक एक की मौत हुई है।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पटना में नौका हादसे में हुई लोगों की मौत पर दुख प्रकट किया। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री कायार्लय ने ट्वीट कर यह जानकारी दी।
PM expressed grief on the loss of lives caused by the boat tragedy in Bihar. He extended condolences to the bereaved families.— PMO India (@PMOIndia) January 14, 2017