लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को यूपी के बहराइच में परिवर्तन रैली को संबोधित करेंगे. इंडो-नेपाल बॉर्डर से सटे होने और आतंकी संगठन अलकायदा की हिटलिस्ट में होने के कारण पीएम मोदी की रैली को लेकर बहराइच में सिक्स लेयर सिक्योरिटी का खाका खींचा गया है.
धानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रविवार को होने वाली परिवर्तन रैली के मद्देनजर चाक चौबंद सुरक्षा इंतजाम किये गये हैं. नेपाल सीमा समीप होने के कारण पूरी एहतियात बरती जा रही है. पुलिस अधीक्षक सालिकराम वर्मा ने बताया कि अर्धसैनिक बल, पीएसी व स्थानीय पुलिस समेत तकरीबन चार हजार जवानों को तैनात किया गया है.
उन्होंने बताया कि एसपीजी के अलावा 12 पुलिस अधीक्षक, 15 अपर पुलिस अधीक्षक, 44 पुलिस उपाधीक्षक, 70 थाना प्रभारी, 450 सब इंस्पेक्टर और दो हजार कान्सटेबलों के साथ आठ आठ कंपनी पीएसी तथा अर्धसैनिक बल के जवान रैली स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं.
विशेष प्रशिक्षण प्राप्त आतंकवाद रोधी स्क्वायड (एटीएस) की टीमों व स्नाइपर्स दलों को एसपीजी और प्रदेश स्तरीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा चिहिनत महत्वपूर्ण जगहों पर तैनात किया गया है और सीसीटीवी द्वारा पूरे रैली स्थल की निगरानी की जा रही है.
रैली स्थल व आएसपीस के इलाकों का एसपीजी द्वारा दो दिनों से एयर सर्वे कराया जा रहा है. नेपाल सीमा के नजदीक होने के कारण रैली को संवेदनशील माना जा रहा है. इसी के मद्देनजर रैली स्थल व आएसपीस के पांच किलोमीटर के दायरे को एसपीजी के निर्देशन में प्रशिक्षित कमांडो द्वारा अपनी निगरानी में ले लिया गया है.
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि असामाजिक तत्व नेपाल सीमा का इस्तेमाल कर किसी घटना को अंजाम दे सकते हैं. इससे बचने के लिए नेपाली अधिकारियों से शनिवार शाम से नेपाल सीमा सील करने का आग्रह किया गया है. फिलहाल नेपाल सीमा पर सघन चेकिंग के बाद ही आवागमन करने दिया जा रहा है.
इससे पहले मोदी गाजीपुर में 14 नवंबर, आगरा में 20 नवंबर, कुशीनगर में 27 नवंबर, मुरादाबाद में तीन दिसंबर को परिवर्तन रैलियों को संबोधित कर चुके हैं. बहराइच रैली के बाद मोदी कानपुर में 18 दिसंबर को परिवर्तन रैली संबोधित करेंगे. अगले साल दो जनवरी को उनके राजधानी लखनऊ में महारैली को संबोधित करने की संभावना है.
इंडो-नेपाल बॉर्डर से सटे होने और आतंकी संगठन अलकायदा की हिटलिस्ट में शामिल पीएम मोदी की रैली को लेकर बहराइच में सिक्स लेयर सुरक्षा का खाका खींचा गया है. लेकिन शुक्रवार को रिहर्सल के पहले दिन ही सभी दावों की पोल खुल गयी. सेना के चॉपर ने जैसे ही रैली स्थल पर बने हेलीपैड पर लैंडिंग की, उसके दोनों पहिये खेत की गीली जमीन में धंस गये. एसपीजी और एयर फोर्स के इंजीनियरों ने बहराइच डीएम अभय सिंह को दूसरा हेलीपैड बनाने का निर्देश दिया है.
खुफिया तंत्र की रिपोर्ट के आधार पर बहराइच में 11 दिसंबर को होने वाली पीएम नरेंद्र मोदी की रैली स्थल की पांच किलोमीटर परिधि को प्रशिक्षित कमांडों के दायरे में किया गया है. सिक्स लेयर सुरक्षा का खाका खींचा गया है. इन कंमाडों के पास अत्याधुनिक हथियारों के साथ खोजी कुत्ते (टीना व हॉवेल) और बम डिस्पोजल दस्ता, सुरंग नाशक दस्ता भी तैनात होगें. मंच के आएसपीस ट्रिपल लेयर सुरक्षा घेरा होगा.
इसके अलावा मंच और लोगों के बीच के फासले में लम्बी दूरी रखी जायेगी. चुनिंदा नेताओं के अलावा किसी भी हार पहनाने और गुलदस्ते देने की इजाजत नहीं होगी. शुक्रवार को सेना के चॉपर ने रिहर्सल की. लेकिन जैसे ही चॉपर खेत में बने हेलीपैड पर उतरे वैसे ही चॉपर के पहिए जमीन में धंस गये.
चॉपर के पायलट ने तीन पर लैंडिंग का अभ्यास किया, लेकिन हर बार पहिया धंस गया. पायलट की रिपोर्ट के आधार पर एसपीजी ने तीन में से एक हेलीपैड को निरस्त कर दिया है और इसे बड़ी चूक माना है. बहराइच डीएम अभय सिंह ने बताया कि एसपीजी के मानकों के आधार पर हेलीपैड बनाया गया था. अब और बेहतर बनाया जाएगा.
Tags:
uttar pradesh