
लोग मुझे भले ही रूढ़ीवादी कहें, लेकिन मैं महिलाओं की शालीनता वाली ड्रेस के पक्ष में हूं। मैं नहीं चाहता कि भारतीय महिलाएं टीवी सीरियलों की महिलाओं की तरह अद्र्धनग्न नजर आएं। मैं यह बात कई बार लिख चुका हूं कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को देवी का दर्जा दिया गया है। हमारी संस्कृति में महिलाओं का बेहद सम्मान है। यह बात अलग है कि इन दिनों महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहे हैं, लेकिन मेरे यह समझ में नहीं आ रहा है कि भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बीवी हसीनजहां की ड्रेस मुस्लिम धर्म के खिलाफ कैसे हैं? यह माना कि मुस्लिम धर्म में महिलाओं की डे्रस पर अनेक हिदायतें दी गई हैं। मुस्लिम महिलाएं इन हिदायतों का पालन भी करती हैं, लेकिन यदि कोई महिला अपने शौहर की सहमति से ड्रेस पहने तो उस पर एतराज नहीं होना चाहिए। हसीनजहां के शौहर मोहम्मद शमी स्वयं मुसलमान हैं और मुस्लिम परंपराओं के अनुरूप ही अपना जीवन व्यतीत करते हैं। जो लोग हसीनजहां की ड्रेस की आलोचना कर रहे हैं, उन्हें खुद शमी ने ही करारा जवाब दिया है। शमी ने लिखा है कि हर किसी को जिन्दगी में मुकाम नहीं मिलता। कुछ किस्मत वाले ही होते हैं, जिन्हे यह नसीब होता है। जलते रहो, यह मेरी जिन्दगी, लाईफ पार्टनर है। मैं अच्छी तरह जानता हूं क्या करना है, क्या नहीं। शमी के इस जवाब से प्रतीत होता है कि वे अपनी बीवी हसीनजहां के साथ खड़े हैं। इतना ही नहीं शमी उस फोटो पर भी कायम हैं, जिसको लेकर विवाद खड़ा हुआ है। इस पूरे मामले में गीतकार जावेद अख्तर ने अच्छी प्रतिक्रिया दी है। जावेद ने लिखा है कि शमी की पत्नी ने जो ड्रेस पहना है, वह बहतरीन और शालीन है। इससे अगर किसी को दिक्कत हो तो वह बीमार मानसिकता से ग्रस्त है।--एसपी मित्तल(care of media)