
नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय में राजस्व सचिव हसमुख अढिया ने काला धन रखने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि बैंक में जमा भर कर देने से काला धन सफेद नहीं होगा।
सरकारी खुफिया एजेंसियां ऐसे लोगों पर नजर रख रही हैं और कार्रवाई शुरू हो गई है। काला धन रखने वालों के लिए बेहतर यही होगा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) का लाभ लें।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार अढिया ने कहा कि नोटबंदी के बाद बैंक खातों में जमा होने वाली नकदी पर सरकार की पैनी नजर है। इसलिए काला धन रखने वाले अपने या किसी और के खातों में पुराने नोट जमा करा के ही खुश नहीं हों।
खातों में अचानक बहुत ज्यादा रकम जमा करने वालों को नोटिस भेजा जा रहा है। इसके अलावा आयकर विभाग देश भर में जगह-जगह छापेमारी कर उन लोगों की धर-पकड़ कर रहा है, जिनके पास लाखों-करोड़ों रुपये के नए या पुराने नोट अवैध तरीके से मिले हैं।
वहीं दूसरी तरफ सरकार ने कहा कि राजनीतिक दलों के खाते में 500 और 1,000 रुपए के पुराने नोटों में जमा राशि पर आयकर नहीं लगेगा। हालांकि, इसके लिए शर्त रखी गई कि राजनीतिक दलों को मिलने वाला व्यक्तिगत चंदा 20,000 रुपए से कम होना चाहिए और यह दस्तावेजों में दर्ज होना चाहिए।
राजस्व सचिव ने कहा है कि सरकार राजनीतिक दलों को प्राप्त कर छूट में कोई छेड़छाड़ नहीं कर रही है। राजनीतिक दल 500 और 1,000 रुपए के नोट अपने खातों में जमा कराने के लिए मुक्त हैं। कोई एक व्यक्ति 20,000 रुपए से अधिक का दान पार्टी को देता है तो यह चेक या बैंक ड्राफ्ट के जरिये होना चाहिए।
अढिया ने बताया कि काला धन रखने वालों की सूचना आम नागरिक भी दे सकते हैं। इसके लिए आयकर विभाग में एक अलग ई-मेल आईडी बनाया गया है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि अगर आपकी जानकारी में किसी के पास काला धन है, तो उसकी शिकायत blackmoneyinfo@incometax.gov.in में कर सकते हैं। काले धन की जानकारी देने वाले व्यक्ति का नाम गोपनीय रखा जाएगा।