अमेठी-जगदीशपुर के वलीपुर गांव में कभी कभार मृदंग बजा लेने वाले किसान रामफेर का पुत्र साहिल ने जगदीशपुर के एएच इंटर कालेज से 1988 में इंटर पास करने के पश्चात सुल्तानपुर राणा प्रताप कालेज में बीए प्रथम वर्ष की शिक्षा लेकर मुंबई की तरफ रुख किया। जहा पत्रिका में गीत लिखा। जिसके बाद यूसुफ खान की फि ल्म मुहब्बत जिंदाबाद में डायलाग लिखने का मौका मिला। हालांकि फि ल्म बनने के बावजूद रिलीज नहीं हो सकी। 1999 में टी-सीरीज के लिए जीतेंगे हम में क्रिकेट पर प्रथम बार गीत लिखा जो चर्चित भी हुआ। उसके पश्चात हिंदी फि ल्म काली की सौगंध, कु डियों का है जमाना, मुंबई 118 कालेज कैम्पस माई व पटना से पाकिस्तान फि ल्मों के लिए गीत दिया व नव चर्चित फि ल्म सात उचक्के के लिए गीत दिया। उन्होंने बताया कि साधना सरगम, कु मार शानू, अलका याग्निक, उदित नारायण, सोनू निगम, सुखविंदर सिंह व उषा उत्थुप आदि ने लिखा गीत गाया है।
इसके अलावा धारावाहिक डीडी वन के लिए किस्सा एक लाख का, सब टीवी के लिए अम्मा जी की गली , सहारा के लिए कहानी चंद्रकाता की के अलावा राजस्थानी फि ल्म टाको भिड़ गयो के लिए गीत लिखा। अमेठी सुल्तानपुर मजरूह साहब व मलिक मोहम्मद की स्थली है। जहां अच्छे अच्छे कलाकार पैदा होते हैं। बस उन्हें आगे आने व बैनर की जरूरत है। नई फि ल्म में माल रोड दिल्ली व ब्लेड़ी लव बनकर तैयार हो रहे हैं। मार्च में शायद रिलीज होगी। अमेठी के युवा भी साहित्य में आगे आकर जिले का नाम रोशन करें।
(साभार-दैनिक जागरण)
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