जब संसद की ATM ही खाली, तो क्या होगा गांवों का हाल: गुलाम नबी आज़ाद




नई दिल्ली।  नोटबंदी मामले को लेकर आज संसद में एक बार फिर राज्यसभा में विपक्ष ने नोटबंदी का मुद्दा उठाया और इस बार कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने मोर्चा संभाला। उन्होंने सदन में कहा कि संसद में लगे हुए एटीएम खराब पड़े हुए हैं। 

इसका अर्थ है कि इनमें कैश नहीं है तो ऐसे में हम कैसे विश्वास करें कि गांव के लोगों को पैसे मिल रहे हैं। आजाद ने कहा कि लोग परेशान हैं आखिर लोगों को उनका पैसा क्यों नहीं मिल पा रहा है।

प्रभात खबर के अनुसार, नोटबंदी के मुद्दे पर मतविभाजन के प्रावधान के साथ चर्चा शुरू कराने की विपक्ष की मांग के बीच गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज सदन में कहा, ‘‘इस बात के लिए पूरे विपक्ष का आभार है कि नोटबंदी के फैसले को लेकर सरकार की नीयत पर किसी ने भी संदेह प्रकट नहीं किया है।’ 

उन्होंने कहा कि इस फैसले के क्रियान्वयन को लेकर कुछ आपत्तियां हैं और विपक्ष के अनुसार इसका क्रियान्वयन सही नहीं है। सिंह ने कहा कि जहां तक सत्तापक्ष की बात है तो हम तत्काल बहस के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं विपक्ष से विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि नियम का निर्णय अध्यक्ष पर छोडा जाए और वह जिस भी नियम के तहत चर्चा शुरू कराएं, उस पर तत्काल चर्चा शुरु की जाए।’

इस बीच सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा कि सरकार के बयान से यह गलत संदेश नहीं जाना चाहिए कि हम चर्चा नहीं चाहते। हम मतविभाजन के नियम के तहत बहस शुरु करने को तैयार हैं।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि मैं बिना नियम के चर्चा की अनुमति दे सकती हूं। आप सभी अभी चर्चा शुरू कर लें। नोटबंदी पर विपक्षी दलों के हंगामे के कारण कार्यवाही भोजनावकाश से करीब पांच मिनट पहले दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पडी।

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