
भोपाल। बड़ौदा एसबीआई बैंक में पैसों की कमी के कारण किसानों की फजीहत कम होने का नाम नहीं ले रही। सुबह लाइन में सबसे आगे लग सकें इसलिए पिछले चार दिन से किसान बड़ौदा में बैंक के बाहर सो रहे हैं।
गुस्र्वार को तो हालात और बदतर नजर आए। पैसे खत्म होने के बाद शाम 4:45 पर बैंक में ताला लगा दिया गया। इसके 15 मिनट बाद ही किसान रजाई-गद्दे लेकर सोने आ गए। शाम 05 बजे बैंक के बाहर 50 से ज्यादा किसान बिस्तर बिछाकर लेट गए।
बड़ौदा की एसबीआई बैंक में करीब 35 गांवों के किसानों के खाते हैं। यह समय खेती का चल रहा है। किसानों का खेत की जुताई से लेकर खाद-बीज व सिंचाई तक के लिए पैसा चाहिए। किसानों का पैसा बैंक मंे है, लेकिन बैंक मंे इतना पैसा नहीं कि किसानों को बांट सके।
बैंंक में हर रोज 10 लाख स्र्पए आ रहे हैं। इसलिए 24 हजार की जगह किसानों को 04 हजार ही दिए जा रहे है। यह चार हजार स्र्पए भी आधे किसानों को नहीं बंट पाते। आधे से ज्यादा किसानों का नंबर आने से पहले बैंक में पैसा खत्म हो जाता है। बीते 10 दिन में बड़ौदा बैंक के बाहर दो बार चक्काजाम हो चुका है, लेकिन हालात नहीं सुधरे। सोमवार की शाम से ही किसानों ने बैंक के बाहर सोना शुरू कर दिया है। रात में बैंक के बाहर सोने वाले किसानों की संख्या लगतार बढ़ती जा रही है।
दो बजे पैसा आया, चार बजे खत्म
बड़ौदा बैंक में पैसों की किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही। गुस्र्वार को बैंक मंे 10 लाख स्र्पए दोपहर 02 बजे के बाद आए। ढाई बजे से किसानों को चार-चार हजार स्र्पए बंटना शुरू हुए। चार बजे के करीब बैंक में पैसा खत्म हो गया। इसके बाद लाइन में लगे 300 से ज्यादा किसान मायूस लौट गए।