अब 2017 में यूपी चुनाव नहीं लड़ पाएंगी मायावती


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नई दिल्ली। साल 2017 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव से पहले ही बसपा की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही है। इन मुसीबतों की वजह से यूपी चुनाव पर खासा असर पढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।

खबरों के मुताबिक, दिल्ली के यूनियन बैंक की करोलबाग ब्रांच में नकदी जमा कराने के मामले में बसपा और आनंद कुमार की मुसीबतें अब और बढ़ने जा रही हैं। क्योंकि आयकर विभाग बसपा सुप्रीमो मायावती और उनके भाई आनंद कुमार को नोटिस भेजने जा रहा है। इस नोटिस में इनसे जवाब मांगा जाएगा कि इनके पास करोड़ों की नकदी कहां से आई। खबर के मुताबिक, अगर विभाग को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। जिससे उनके चुनावी अभियान पर सीधा असर पड़ेगा।
दूसरी तरफ नोटबंदी के बाद बहुजन समाज पार्टी के खाते में 104 करोड़ रुपए आने के बाद मायावती ने सफाई देते हुए नोटबंदी पर जमकर हमला बोला। मायावती ने कहा कि केंद्र सरकारसरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रहा। बीजेपी के इशारे पर ही बसपा की छवि खराब की जा रही है। उन्होंने कहा कि ईमानदारी के साथ मैंने चंदा के पैसे को जमा कराया, रुटीन प्रकिया के तहत चंदा की राशि बैंक में जमा कराई। पार्टी को पुराने नोटों में ही चंदा मिला है। हमारे पास बैंक में जमा एक-एक पैसे का हिसाब है। हमारे पास जमा पैसों का क्‍या फेंक देते? लेकिन भाजपा ने जो रुपए जमा किए हैं उसका क्या।
मायावती ने नोटबंदी को लेकर कहा कि देश में इमरजेंसी जैसा माहौल पैदा किया जा रहा है। जैसे कांग्रेस इमरजेंसी लगाई थी वैसे ही बीजेपी अघोषित आर्थिक इमरजेंसी लगा रही है। समाज में गरीबी और बेरोजगारी पहले जैसी ही बनी हुई है। वहीं मायावती ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा नेताओं ने कुछ चैनलों को मैनेज किया। कुछ अख़बारों को भी बीजेपी ने मैनेज किया। उन्होंने कहा कि बसपा नियमों के मुताबिक धनराशि जमा कर रही है।

बता दें कि नोटबंदी के बाद बहुजन समाज पार्टी के खाते में 104 करोड़ रुपए हुए है। यह रकम दिल्ली के एक बैंक में जमा हुए हैं जिसमें पार्टी का खाता है। इस बैंक की शाखा में बसपा सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद कुमार का भी खाता है और उनके खाते में भी 1.43 करोड़ रुपए की रकम जमा होने की बात सामने आई है। वहीं विपक्षी पार्टियों का कहना है कि मायावती इसलिए संसद में नोटबंदी का विरोध कर रहीं थीं।
नहीं बनने वाली सपा सरकार
मायवती ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मुस्लिमों से अपील करते हुए कहा कि सपा की सरकार 2017 विधानसभा चुनाव में नहीं बनने वाली है। एेसें में अपना वोट बेकार न करें। उन्होंने कहा सपा सरकार की सपा की मुस्लिमों के प्रति दोगली सोच बीजेपी से करीबी का कारण है। सपा अराजक तत्वों और गुंडों को संरक्षण देती रही है। सपा ने दंगों को भड़काने का काम किया है। सपा के कार्य पर उंगली उठाते हुए कहा कि सपा में जंगलराज कायम है और कोई कानून व्यवस्था नहीं है। दंगों से समाज को नुकसान हुआ है। लाखों कोशिशों के बावजूद भी सपा कानून व्यवस्था कायम नहीं कर सकी है। सपा के शासन में सिर्फ दंगे हुए है।
कांग्रेस और सपा के गठबंधन पर दिया बयान
मायावती ने कांग्रेस और सपा के गठबंधन पर बोलते हुए यादव परिवार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि बसपा के डर से सपा गठबंधन करना चाहती है। सपा और कांग्रेस गठबंधन की आम चर्चा है। उन्होंने कहा कि सपा और कांग्रेस बीजेपी के इशारे पर गठबंधन करेंगी ताकि बसपा को रोका जा सके। कांग्रेस के सहारे सपा सरकार बनाना चाहती है। पर इससे प्रदेश की सत्ता में सपा अब दोबारा वापस नहीं आएगी। कांग्रेस की हालत बहुत ख़राब है और सपा को मालूम है कि वो चुनाव हार रहे हैं।

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