सपा रजत जयंती : बोले अखिलेश यादव- आपने हमें तलवार भेंट की है, तो अब हम उसका इस्तेमाल भी करेंगे

सपा रजत जयंती : बोले अखिलेश यादव- आपने हमें तलवार भेंट की है, तो अब हम उसका इस्तेमाल भी करेंगे

लखनऊ: लखनऊ में समाजवादी पार्टी के 25 साल पूरे होने के मौक़े पर रजत जयंती समारोह चल रहा है. इस समारोह की शुरुआत में लालू यादव मंच पर एक साथ अखिलेश-शिवपाल को लेकर आए. अखिलेश और शिवपाल दोनों के हाथ में तलवार थी. लालू उनदोनों को मिलवाले की कोशिश कर रहे थे, वहीं चाचा शिवपाल यादव के पैर अखिलेश ने छुए. उस वक़्त मंच पर इनके साथ मुलायम सिंह यादव, शरद यादव, एचडी देवेगौड़ा, अजित सिंह और अभय चौटाला मौज़ूद थे. मुख्यमंत्री के रूप में अपनी कैबिनेट से चाचा शिवपाल सिंह यादव सहित चार मंत्रियों को बर्खास्त कर चुके अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि उनके हाथ में तलवार थमायी जाए और फिर कहा जाए कि वह उसे चलायें नहीं.
अखिलेश ने कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति का नाम लेते हुए कहा, ‘प्रजापति को कहेंगे कि हमें (आप) तलवार दे देते हो भेंट में और उधर कहते हो कि मैं तलवार ना चलाऊं, ऐसा कैसे हो सकता है.’ समारोह के संयोजक गायत्री ने मंच पर बैठे सभी अतिथियों का तलवार देकर स्वागत किया था. गायत्री को अखिलेश एक बार अपनी कैबिनेट से बर्खास्त कर चुके हैं. अखिलेश ने इसी बहाने संभवत: यह समझाने की कोशिश की कि मुख्यमंत्री बनाया है तो वह अपने अधिकारों का इस्तेमाल करेंगे.

सपा के भीतर मचे घमासान का परोक्ष रूप से उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राम मनोहर लोहिया ने कहा था कि लोगों को उनकी बात समझ आएगी लेकिन उनके मरने के बाद. ‘मैं इसी बात को दूसरे रूप में कहता हूं कि लोगों को समझ में आएगा लेकिन सपा का नुकसान हो जाने के बाद.’ उन्होंने कहा, कि उत्तर प्रदेश भारत का भविष्य है. आने वाले समय में जो चुनाव (विधानसभा) होने जा रहा है, वो भारत का भविष्य तय करेगा कि देश किस तरफ जाएगा.

अखिलेश ने कहा कि केन्द्र की सत्ता में बैठी भाजपा ने लोगों में मतभेद पैदा किये हैं. भाजपा के लोगों ने दूरियां पैदा की हैं. उनका सत्ता का रास्ता वहीं से निकलता है. उत्तर प्रदेश की जनता ने भाजपा को 70 से अधिक सांसद दिये लेकिन राज्य को आदर्श गांव योजना से ज्यादा कुछ नहीं मिला.


शिवपाल ने अपने भाषण में समाजवादी पार्टी के उत्थान में नेताजी के योगदान का ज़िक्र किया. इस मौके पर आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव भी मौजूद थे जिन्होंने एनडीटीवी इंडिया पर प्रतिबंध लगाए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह का प्रतिबंध लोकतंत्र पर हमला है.


उधर शिवपाल यादव ने कहा कि वह नेताजी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते. आगे उन्होंने अखिलेश को संबोधित कर कहा कि उन्होंने पार्टी और सरकार के लिए बहुत कुछ किया है और यहीं शिवपाल यादव ने इशारों में अखिलेश पर निशाना साधा और कहा कि कुछ लोगों को विरासत में मिल जाता है लेकिन जो लिया है मेहनत कर लिया है. साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी में कुछ घुसपैठिए घुस गए हैं. उनसे सावधान रहना होगा.

शिवपाल सिंह यादवने कहा- मैं एसपी कार्यकर्ताओं को बताना चाहता हूं कि जितना त्याग लेना चाहो ले लो, मुझे मुख्यमंत्री नहीं बनना है. उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश यादव खून मांगेंगे तो मैं खून दे दूंगा. इस अवसर पर लखनऊ में कई राजनीतिक दलों का जमावड़ा देखा जा रहा है. आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव, जेडीयू के शरद यादव, जनता दल सेक्यूलर के एचडी देवेगौड़ा लखनऊ पहुंच चुके हैं. आरएलडी के अजित सिंह और INLD के अभय चौटाला भी इसमें मौजूद हैं. चुनाव से पहले अंदरूनी झगड़ों के बुरे दौर से गुज़र रही सपा इस मौक़े को महागठबंधन को पुख़्ता करने की कोशिश के तौर पर भुनाना चाहेगी, ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं.
 

हाल के दिनों में इन सभी दलों से महागठबंधन की कोशिश भी तेज़ हुई ही है. हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने कहा कि हम अभी यहां रजत जयंती कार्यक्रम में शामिल होने आए हैं. फिलहाल गठबंधन को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है. समारोह में पांच लाख लोगों के आने का दावा किया गया है. भीड़ को संभालने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं वहीं पूरा शहर सपा के पोस्टरों से पटा पड़ा है.

समारोह में शामिल होने आए लालू यादव ने कहा कि वह स्थापना समारोह में शुभकामनाएं देने आए हैं. उन्होंने कहा कि यहां फिर हमारी सरकार बनेगी. उन्होंने कहा कि बिहार की तरह यूपी से भी बीजेपी को खदेड़ने का मक़सद है. वहीं शरद यादव बोले कि हम लोगों को याद किया गया, इसलिए हम आए हैं.
 

(एजेंसियों से भी इनपुट)

Post a Comment

Previous Post Next Post