ओवैसी बोले- उत्तर प्रदेश मेरे बाप का, बार-बार आऊंगा



अलीगढ़। एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद असदउद्दीन ओवैसी शुक्रवार को पहली बार अलीगढ़ आए और जनसभा को भी संबोधित किया। मौसम थोड़ा सर्द था लेकिन ओवैसी के अंदाज ने इंपीरियल लाज में गरमाहट पैदा कर दी। निधारित समय सीमा के संबंध में जब पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शौकत ने उन्हें बताया तो ओवैसी मानो फट पड़े। अमरउजाला की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि अच्छा बड़ी मुश्किल से परमीशन मिली है। उत्तर प्रदेश मेरे बाप का है।

मैं यहां दोबारा आऊंगा, बार बार आऊंगा। यह किसी मुलायम या किसी अखिलेश की जागीर नहीं है। उत्तर प्रदेश में बाबा साहेब अंबेडकर का संविधान लागू है किसी यादव परिवार का फरमान नहीं चलता है।  ओवैसी ने कहा कि नोटबंदी के फैसले से सबसे ज्यादा परेशान गरीब आदमी है। 40 करोड़ आदमी नाम तक नहीं लिख सकता। केवल 3 फीसदी लोगों के पास डेबिट क्रे डिट कार्ड है।
बैंको की लाइन में लगकर लोग मर रहे हैं और मोदी जी जापान जाकर हंस रहे हैं। जैसे कि वह कोई पीएम न हों कामेडी शो के आर्टिस्ट हों। इस फैसले से करप्शन नहीं गरीब खत्म हो जाएगा। मुझे बताया गया कि अलीगढ़ का ही कारोबार बहुत मंदा हो गया है। वह गरीब लोग जिनका कहीं निवेश नहीं है, जिनके जीने का आधार कैश ही, वही परेशान हैं। उन्होंने कहा कि सपा और भाजपा की मिलीभगत का आप अंदाजा लगाइए। बदायूं के नजीब के घर सपा के ही सांसद हैं, नहीं जाते। लेकिन मुलायम  सिंह के यहां शादी में मोदी जी आते हैं। यह क्या नौटंकी है?

क्या यही सपा की मुसलमानों के साथ सहानुभूति है। इसके अलावा चुनाव के समय सेक्युलर पार्टियां मुसलमानों से चाहती हैं कि वह सेक्युलर पार्टी को वोट दें। क्या सारा सेक्युलरिज्म का बोझ मुसलमान उठाएंगे? अलीगढ़ में दो मुसलमान विधायक हैं, इन्होंने मुसलमानों के लिए क्या किया? विकास के लिए भी क्या किया? मैं अलीगढ़  आया तो सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे। क्या है यह? उन्होेंने कहा कि मोदी शरीयत में तीन तलाक के बहने दखल देने का ऐलान कर चुके हैं।

गोवा में कानून है कि 25 साल तक अगर किसी हिंदू बहन को बच्चा नहीं हो तो पति दूसरी शादी कर सकता है। क्या मोदी ने इसको बदलने की बात कही। इसी तरह 2011 की जनगणना में पता चला कि 11 वर्ष की  बच्ची की दर गैर मुसलमानों में ज्यादा थी। क्या इसकी बात हुई। दूसरी ओर मुसलमानों में तलाक की दर एक फीसदी से भी कम है।

इंपीरियल लाज माहौल पूरी तरह सियासी  था लेकिन ओवैसी भीड़ को देख कुछ ऐसी मुद्रा में आए को बीच बीच में हल्के फुल्के लम्हों का भी लोगों ने मजा लिया। आइए देखते हैं उनकी एक झलक।
- (मोदी के अंदाज में बोलते हुए) वो कहते हैं मित्रो मैं जनता का सेवक हूं। (भीड़ इस अंदाज से गदगद, शोरगुल थमने का नाम नहीं लेता है तो ओवैसी बोले) ये क्या भई मोदी का नाम लेते ही शुरू हो गए।
- नोटबंदी पर संबोधन चल रहा था कि कुछ युवा फुसफुसाने जैसी आवाज निकालने लगे। इस पर ओवैसी बोले ये क्या भई। ये इस  शादीखाने में हो रहा जलसा है, एएमयू का कैनेडी हाल नहीं है। इस पर भीड़ में हंसी के फुव्वारे छूट गए।

- मिस्टर मोदी नोटबंदी लाए हैं। अरे यह भूल गए जब सैमसंग गैलेक्सी नोट जल गया तो यह भी नहीं जलेंगे क्या? भीड़ इस  अंदाज पर फिदा।

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