
गौरीगंज: ग्राम पंचायतों मे विकास कार्य कराने के लिए मिलने वाले धन से ग्राम प्रधान अपना जेब खर्च भी चला सकेंगे। शासन ने जहां उनके मानदेय में बढ़ोत्तरी किया है। वहीं ग्राम पंचायत की खुली बैठक में वार्षिक कार्ययोजना को मंजूरी दिए जाने का निर्देश दिया है।
शासन ने प्रधानों के कर्तव्यों व दायित्वों में हुई वृद्धि को देखते हुए मानदेय व अधिकारों मे बढ़ोत्तरी किया है। इसके तहत ग्राम प्रधानों के मानदेय में 35 सौ रुपये की बढ़ोत्तरी किया है। इतना ही नहीं दो लाख रुपये तक की प्रशासनिक, तकनीकी व वित्तीय स्वीकृति का अधिकार दिया गया है। वहीं ग्राम सभा की खुली बैठक में वार्षिक कार्य योजना को मंजूरी भी दे सकेंगे। ग्राम प्रधानों को यात्रा व अन्य खर्च के नाम पर खर्च करने के लिए पांच हजार रुपये से पंद्रह हजार रुपये पति वर्ष किया गया है। वहीं आकस्मिक खर्च की सीमा एक हजार से बढ़ाकर पांच हजार रुपये किया गया है। यह सब ग्राम निधि में जमा धनराशि जिसमें राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के आधार पर पंचायतों को दी जाने वाली धनराशि भी शामिल होगी से खर्च कर सकेगे। उन्हें अलग से कोई बजट नहीं दिया जाएगा। इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी ने कहा कि शासन के आदेश पर दिए गए अधिकार के बारे मे प्रधानों को अवगत करा दिया जाएगा।(जागरण)
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