30 साल बाद फिर शुरू हुई 1 रु.के नोटों की छपाई

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नई दिल्ली। 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने के बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया 10, 20 और 50 रुपये के छोटो नोटों की प्रिंटिंग को ज्यादा तवज्जो दे रहा है। यही नहीं केंद्रीय बैंक ने नासिक स्थित करंसी नोट प्रेस को 1 रुपये के नोट छापने का भी आदेश दिया है।

महाराष्ट्र में नासिक रोड स्थित प्रेस ने करीब 30 साल पहले 1 रुपये के नोटों की छपाई बंद कर दी थी। लेकिन सरकार की ओर से 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को प्रचलन से बाहर करने के बाद यहां 1 बार फिर से सबसे छोटे करंसी नोट की छपाई का काम जोरों पर है।  न्यूज़ २४ की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले सप्ताह यहां पर 1, 10, 20, 50 और 500 रुपये के करीब 5 करोड़ नोट छापे गए थे। इसके अलावा 16 नवंबर को 100 रुपये के 1.90 करोड़ नोट प्रिंट किए गए।

पिछले सप्ताह जो 5 करोड़ नोट छापे गए थे, उनमें से 10 लाख नोट 1 रुपये के थे, जिन्हें अलग-अलग बैंकों को भेजा जा चुका है। इन नोटों को छापने के लिए सामान्य इंक से अलग स्याही मध्य प्रदेश के देवास से मंगाई गई है। विमुद्रीकरण के बाद नोटों की प्रिंटिंग में तेजी आने के चलते इंक की मांग भी खासी बढ़ गई है। स्याही की कमी न हो इसके लिए देवास से स्पेशल इंक की सप्लाइ की जा रही है।

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