मुंबई। खुद को देवी बताने वाली सुखविंदर कौर उर्फ राधे मां फिर एक बार विवादों में हैं। उनके खिलाफ मुंबई के एक बिजनेसमैन ने बोरीवली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।
उनके कुछ पूर्व भक्तों का आरोप था कि वे बिना पैसे के कोई काम नहीं करती और उनकी हर चौकी का रेट फिक्स होता है। मुंबई के फेमस 'एमएम मिठाईवाला' के मालिक मनमोहन गुप्ता ने राधे मां पर बेटे को भड़काकर बंगला हड़पने की कोशिश का आरोप लगाया है। राधे मां के साथ ही उनकी सहयोगी छोटी मां के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई गई है। बंगला खाली नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी गई है। पुलिस के मुताबिक धमकी भरे फोन पंजाब के नंबरों से किए गए हैं।
मनमोहन गुप्ता ने कहा कि, राधे मां ने मेरे बेटों, राजीव व संजीव के साथ ही भाई जगमोहन पर काला जादू किया है।" "उन्हें मुझसे दूर कर दिया और अब मेरा घर भी लेना चाहती है। उसने कोठी खाली करने को कहा। वह पंजाब से देर रात तक मुंबई पहुंचेगी और मुझे व मेरी पत्नी को निकाल खुद घर में रहेगी। गौरतलब है कि मनमोहन गुप्ता वही शख्स हैं जिन्होंने सुखविंदर कौर उर्फ राधे मां को मुंबई में सबसे पहले पनाह दी थी।
राधे मां जिस चौकी में जाती हैं और अपने भक्तों को दर्शन देती हैं उसका रेट तय रहता है। जो भी भक्त चौकी का कार्यक्रम रखता है उसको राधे मां की चौकी का रेट कार्ड दिया जाता है और उसे अपनी हैसियत के हिसाब से राधे मां की फरमाइश पूरी करनी पड़ती है। राधे मां की चौकी का खर्चा करीब 5 लाख से 35 लाख रुपए होता है।
भक्त की आर्थिक हालत के हिसाब से चौकी का रेट थोड़ा कम ज्यादा हो सकता है। चौकी के आयोजन की सारी डीलिंग राधे मां के एजेंट टल्ली बाबा करते हैं।सूत्रों के मुताबिक, सबसे बड़ी चौकी का आयोजन करने वाले भक्तों को राधे मां का किस, उनको हग करने और गोद में लेने का खास मौका दिया जाता है।
