पारिवारिक विवाद में मारपीट की जांच करने मौके पर गए दरोगा की पिटाई से एक आठ माह की गर्भवती महिला का गर्भपात हो गया। घटना के दूसरे दिन बुधवार को जिले के दौरे पर आए प्रमुख सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन हेमंत राव को इस मामले में कड़े विरोध का सामना करना पड़ा।
कलेक्ट्रेट के अंदर वे अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे और बाहर व्यापारी पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। बैठक से बाहर निकलने के बाद प्रमुख सचिव को व्यापारियों ने ज्ञापन देते हुए दरोगा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ ही मजिस्ट्रेटी जांच कराने की मांग की। साथ ही व्यापारी परिवार पर दर्ज मुकदमे को भी वापस लेने की मांग की गई।
कोतवाली नगर क्षेत्र के चौक घंटाघर में सोमवार की शाम को व्यापारी महेश, दिनेश, सुरेश व पप्पू के परिवार के बीच विवाद हुआ था। इसकी खबर महेश के बेटे ने 100 नम्बर पर पुलिस को दी थी। आरोप है कि मामले की जानकारी होने पर मौके पर पहुंचे घंटाघर चौकी प्रभारी एसपी सिंह व सिपाही अखिलेश व्यापारियों की पिटाई की करने लगे।
इस दौरान महेश की आठ माह की गर्भवती बेटी सोनिका अपने पिता को बचाने के लिए दौड़ी। उसे भी दरोगा एसपी सिंह ने बुरी तरह पीट दिया। जिससे उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां मंगलवार देर शाम उसका गर्भपात हो गया। उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
कलेक्ट्रेट में प्रमुख सचिव को ज्ञापन देने वालों में नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीन कुमार अग्रवाल, पूर्व चेयरमैन शिवकुमार अग्रहरि और सभासद प्रशांत कसौंधन आदि भी शामिल रहे।
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