पांच हजार लड़कियों का इस तरह किया शिकार, जिस्म बेचकर कमाए 100 करोड़


नई दिल्ली। दिल्ली के रेड लाइट इलाका जीबी रोड पर वेश्यावृत्ति का धंधा कराने वाले दंपती अफाक हुसैन एवं साइरा बेगम समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर क्राइम ब्रांच ने मानव तस्करी के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है।

दंपती के जीबी रोड पर पांच कोठे हैं और वह वहां का सबसे बड़ा संचालक है। दिल्ली से लेकर बेंगलुरु तक 60 करोड़ से अधिक की बेनामी संपत्ति अर्जित की है। क्राइम ब्रांच ने दंपती पर महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) लगा दिया है। सूत्रों की मानें तो कोठों का संचालन कर अरबपति बने दंपति आफाक व सायरा दिल्ली में करीब 100 करोड़ से अधिक का साम्राज्य खड़ा कर लिया है।

इस बात की भी आशंका है कि आफाक कई बड़े और सफेदपोश लोगों को लड़कियां सप्लाई कर रहा था। पुलिस को इनके पास से चार लग्जरी कारें, नौ लाख कैश, करोड़ों की लेन-देन और प्रॉपर्टी का पता चला है।

दिल्ली में इस धंधे से जुड़े आरोपियों पर पहली बार मकोका लगाया गया है। आरोपी पश्चिम बंगाल, नेपाल व बांग्लादेश आदि कई राज्यों से युवतियों व किशोरियों को गुमराह कर राजधानी लाकर उन्हें वेश्यावृत्ति के धंधे में धकेल देते थे। ये बीते वर्षो में 5000 किशोरियों व युवतियों को वेश्यावृत्ति के धंधे में धकेल चुके हैं।

संयुक्त आयुक्त अपराध शाखा रविंद्र यादव ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय मानव तस्करी गिरोह के सरगना दंपती मूल निवासी मुरादाबाद उत्तर प्रदेश अफाक हुसैन, कोठा नंबर 58 निवासी साइरा बेगम के अलावा कोठा नंबर-56 निवासी रामेश पांडे, वासुदेव पांडे, पूजा, शमशाद, शिल्पा और मुमताज को गिरफ्तार किया गया है।

अफाक हुसैन और उसकी पत्नी साइरा बेगम मानव तस्करों के जरिये गरीब घरों की लड़कियों को नौकरी दिलाने, घुमाने और शादी का झांसा देकर दिल्ली बुलाते हैं। फिर एक से दो लाख रुपये में बेच दिया जाता है।

कई दिनों तक इन लड़कियों को भूखा रखकर, उन्हें नशीला इंजेक्शन देकर जबरन वेश्यावृत्ति करने का दबाव बनाया जाता है। 1999 से वेश्यावृत्ति के धंधे में जुड़े दंपती के जीबी रोड स्थित कोठे से 2013 में सीबीआइ, क्राइम ब्रांच और लोकल पुलिस ने रेड कर कुछ लड़कियों को मुक्त कराया था।

इसके बाद से दंपती ने कोठे की जिम्मेदारी सीधे तौर पर शमशाद, मुमताज, शिल्पा उर्फ तुलसी और पूजा को दे दी। कोठे के प्रबंधक उन्हें वेश्यावृत्ति करने के लिए दबाव बनाते थे।

अफाक हुसैन इन सभी को कमाई का 15 प्रतिशत देता था। वहीं कोठों पर दबंगई रोकने के लिए उसने दबंग सरफराज उर्फ बिल्ली को रखा था। उनसे चार लग्जरी कारें फॉचरूनर, टोयोटा, दो होंडा की कारें बरामद की है। वहीं 9 लाख रुपये कैश भी मिले हैं।

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