दोनों में क्या फ़र्क़ है, मुझे वास्तव में नहीं पता, पर उन्हें दी गई सज़ा पर सवाल उठते हैं.
19 मार्च को एक ख़बर आई कि उर्दू लेखकों को इसकी गारंटी देने को कहा गया कि वे भारत विरोधी सामग्री नहीं लिख रहे हैं.
स्मृति ईरानी के विभाग वाली राष्ट्रीय उर्दू भाषा प्रोत्साहन परिषद उर्दू लेखकों से कह रही है कि वे हलफ़नामा दें, जिसका मज़मून कुछ इस तरह है.
"मैं_ पुत्र/पुत्री_ पुष्टि करता/करती हूँ कि मेरी ..आगे पढ़े..
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