लखनऊ में होली के हुड़दंग में 17 मरे, 750 घायल

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लखनऊ में होली पहली बार दो दिन मनायी गयी। 23 मार्च को अधिकांश इलाकों में रंग खेला गया तो 24 मार्च को भी लोगों ने अबीर-गुलाल उड़ाया। इस दौरान नशाखोरी ने होली का उल्लास फीका कर दिया। शहर के अलग-अलग स्थानों में हुए हादसों में 17 लोगों की जान चली गई जबकि 750 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
सबसे अधिक जानें सड़क हादसे में गयीं। दो सगे भाई पानी में डूब गए। हुड़दंग के बीच कई जगह मारपीट भी हुई जिसमें अनेक जख्मी हो गए। घायलों की भीड़ उमड़ने से अस्पतालों की व्यवस्था ध्वस्त हो गई। ट्रॉमा सेंटर, सिविल अस्पताल, बलरामपुर अस्पताल, लोकबन्धु अस्पताल और लोहिया की इमरजेंसी में अलर्ट घोषित किया गया। इलाज न मिलने पर कई जगह तीमारदारों ने हंगामा किया। बचाव के लिए अस्पतालों में पुलिस तैनात रही।
अंत तक असमंजस:
इस बार होली को लेकर असमंजस आखिर तक कायम रहा। लोगों ने बुधवार तड़के होलिका दहन किया। पुराने लखनऊ का पारंपरिक रंग जुलूस धूमधाम से निकला। इसी के साथ पूरा शहर रंग में सराबोर हो गया। हालांकि कई लोगों ने गुरुवार को रंग खेला। होली के हुड़दंग में बवाल और सड़क हादसों को रोकने के लिए पुलिस ने मास्टरप्लान बनाया था। हालांकि सारी योजना धरी रह गई।  
इंदिरा नहर में डूबे सगे भाई:
गोसाईंगंज के ड्रीम वैली पार्क में होली मनाने गए दो सगे भाई इंदिरा नहर में डूब गए। गोमतीनगर के सरस्वतीपुरम निवासी रमेश मौर्या (27) व अनिल मौर्या (17) ने दोस्तों के साथ रंग..आगे पढ़ें 

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