यूपी में चुनावी बिगुल बजते ही समाजवादी पार्टी (सपा) में चल रही कलह के थमने के आसार दिखने लगे हैं। कल रात चली लंबी मीटिंग के बाद अब सुलह की मुहिम अंजाम तक पहुंचती दिख रही है। इसी सिलसिले में में आज सुबह शिवपाल यादव और अमर सिंह मुलायम सिहं से मिले। इस बैठक के बाद शिवपाल यादव मुख्यमंत्री आवास गए और अखिलेश यादव से भी मिले। वहीं अब खबर आ रही है कि अमर सिंह ने इस्तीफा दे दिया है। लेकिन ये अभी तक स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने पद से इस्तीफा दिया है या पार्टी से। वहीं माना जा रहा है कि शिवपाल भी सपा प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ सकते हैं।
इससे पहले गुरुवार को दिनभर गहमागहमी के बाद शाम होते-होते दोनों पक्षों के रुख मेंनरमी दिखाई दी। मंत्री आजम खां ने मुलायम व अखिलेश गुटों के बीच सुलह की कोशिशें फिर तेज कर दी हैं। सूत्र बता रहे हैं कि सुलह की कोशिशों को अंजाम तक पहुंचाने के लिए दोनों ही पक्ष पीछे हटने को तैयार हैं। अखिलेश खेमा टिकटों को लेकर रियायत देने को तैयार है लेकिन रामगोपाल पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की शिवपाल खेमे की मांग पर बात बनती नहीं दिख रही। दबाव बढ़ने पर यह मांग छोड़ी भी जा सकती है।
अखिलेश ने चुनाव चिह्न् ‘साइकिल’ हासिल करने के लिए दमदख दिखाते हुए 208 विधायकों का समर्थन जुटाया। सीएम आवास पर हुई बैठक में शिवपाल के समर्थक कई विधायक व एमएलसी भी शामिल हुए। इन सभी से हलफनामे पर हस्ताक्षर करवाए गए। इसमें कहा गया है कि वे सीएम के नेतृत्व में आस्था व्यक्त करते हैं व पूरा विधानमंडल दल सीएम के साथ है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि उन्हें बस तीन महीने का वक्त चाहिए। वह चुनाव जीता कर आएंगे। इसके बाद नेताजी सारे पद मुझसे ले लें, मुझे ऐतराज न होगा। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की हैसियत से अखिलेश यादव ने गुरुवार को अपने आवास पर विधायकों व मंत्रियों की पहली बैठक में कहा कि आप लोग क्षेत्र में जाईए और चुनाव जीत कर आईए।
चुनाव आयोग ने सपा के दोनों गुटों द्वारा ‘साइकिल’ पर दावे को लेकर दाखिल दस्तावेज पर प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग ने दोनों से 9 जनवरी तक अपने-अपने समर्थक विधायकों, विधान परिषद सदस्यों तथा सांसदों द्वारा हस्ताक्षरित शपथपत्र जमा करने को कहा है, ताकि यह पता लग सके कि किसके पास कितना संख्या बल है।
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