लखनऊ:15 नवंबर 2012 में वूमेन पॉवर लाइन '1090 के गठन के बाद से यह सिर्फ महिला उत्पीडऩ, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ संबंधी शिकायतें सुनते और उनका निस्तारण करते ही नजर आया है। अब यह पहली बार होगा जब निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव 2017 में कानून व्यवस्था के मद्देनजर इसे तैयार करने के लिए निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने चुनाव के दौरान प्रदेश भर की महिलाओं को होने वाली समस्याओं को प्राथमिकता से संज्ञान में लेते हुए वूमेन पावर लाइन में महिला चुनाव शिकायत प्रकोष्ठ गठन करने के निर्देश दिए हैं। यह सेल प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार प्रसार के साथ ही पोलिंग बूथ पर भी नजर रखेगी। आयोग के निर्देश पर एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत चौधरी ने आइजी वूमेन पॉवर लाइन नवनीत सिकेरा को महिलाओं से संबंधित चुनाव सेल गठन करने के आदेश जारी कर दिए हैं। जल्द ही वूमेन पावर लाइन में चुनाव सेल की शुरुआत हो जाएगी और 11 मार्च तक प्रभावी रहेगी।
अलग होगा स्टाफ
महिला चुनाव शिकायत प्रकोष्ठ का स्टाफ वूमेन पॉवर लाइन से अलग होगा। प्रकोष्ठ में इंस्पेक्टर रैंक का एक प्रभारी, छह काउंसलर और टेली कालर होंगी। इस प्रकोष्ठ का काम सिर्फ चुनाव के दौरान महिलाओं के साथ हुई समस्याओं जैसे वोट डालने संबंधी दिक्कतें, महिलाओं से हुई अभद्रता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करेगी।
आचार संहिता लागू होने के करीब एक सप्ताह के अंदर प्रकोष्ठ का गठन हो जाएगा। प्रकोष्ठ से प्रदेश भर के 75 जिलों के जिलाधिकारी, एसएसपी, एसपी, सीओ और एसओ को जोड़ा जाएगा। चुनाव के दौरान पोलिंग बूथ पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने पर महिलाएं 1090 पर इसकी शिकायत कर सकेंगी। टेलीकॉलर शिकायत दर्ज कर प्रभारी और काउंसलर को इसकी जानकारी देगा। इसके बाद प्रभारी तत्काल निर्वाचन आयोग अधिकारी, संबंधित जिले के जिला निर्वाचन अधिकारी (डीएम), एसएसपी, एसपी, सीओ और एसओ को इसकी तत्काल सूचना दी जाएगी। संबंधित अधिकारी या थानेदार को उसके द्वारा की गई कार्रवाई का ब्योरा आधे घंटे में प्रकोष्ठ को देना होगा। उसके बाद पीडि़ता के नंबर पर फोन कर टेलीकालर द्वारा उससे फीडबैक लिया जाएगा। जो निर्वाचन आयोग के अधिकारी को भी देना होगा। करीब हफ्ते भर में प्रकोष्ठ का गठन होते ही प्रदेश भर में इसका प्रचार प्रसार कराकर लोगों को जानकारी दी जाएगी।
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