नई दिल्ली: सबसे बड़ी आय का ख़ुलासा करने वाला गुजरात का कारोबारी महेश शाह फ़रार है. उसने 13,800 करोड़ से ऊपर का ख़ुलासा किया था. उसने IDS के तहत ख़ुलासा किया था. बता दें कि आईटी विभाग ने उसका डिक्लेयरेशन खारिज कर दिया है.
केंद्र सरकार की आय की स्वैच्छिक घोषणा योजना (आईडीएस) के तहत 13 हजार करोड़ रुपये घोषित करने वाले महेश शाह आयकर विभाग की जांच के घेरे में हैं क्योंकि उन्होंने इस आय पर टैक्स नहीं दिया.
केंद्र सरकार की इस योजना के तहत 30 सितंबर तक सरकार को 45 प्रतिशत टैक्स देकर अघोषित आय घोषित की जा सकती थी. इस योजना के तहत अघोषित आय पर टैक्स चुकाने के बाद आय की स्वैच्छिक घोषणा करने वाले पर आयकर विभाग की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं होनी थी. यहीं महेश से चूक हो गई. उन्होंने 13 हजार करोड़ रुपये अघोषित आय की जानकारी आयकर विभाग को दी तो सही पर टैक्स चुकाए बिना.
आयकर अधिकारियों के अनुसार, महेश शाह को टैक्स की 975 करोड़ रुपये की पहली किश्त 30 नवंबर तक करनी थी लेकिन वह इससे चूक गए. चूंकि शाह ने टैक्स की पहली किश्त नहीं चुकाई है इसलिए अब उनके द्वारा घोषित 13 हजार करोड़ रुपये कालाधन हो गया है.