jजगदीशपुर में बसपा भाईचारा कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रुप में बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने शिरकत की। लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 2007 के चुनाव में ब्राम्हण समाज ने एक होकर बसपा की सरकार बनाई थी। इस बार भी सभी एक होकर सरकार बनाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का नाम भी आज यूपी में कोई नहीं लेता। शीला तीन बार दिल्ली में मुख्यमंत्री रही और हर बार यूपी के लोगों को कोसती थी। समाजवादी पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि सपा में ब्राम्हणों को दुश्मन माना जाता है। सपा के सरकार में ब्राम्हणों को कोई तवज्जो नहीं दी जाती। बीजेपी भी ब्राम्हणों के साथ धोखा का काम किया है। गुजरात में ब्राम्हण समाज की दुर्दशा है।
जहां 25 ब्राम्हण अधिकारियों को जेल में डाल दिया गया है। भाजपा की सरकार है वहां ब्राम्हण समाज का नाम लेने वाला कोई नहीं है। पार्टी के अंदर ही राजनीति हो रही है। मुरली मनोहर जोशी को चुनाव हराने के लिए बनारस के बजाय कानपुर से चुनाव लड़वाया गया। लक्ष्मीकांत बाजपेई ने प्रदेश में लोकसभा चुनाव के दौरान 71 सीटें जितवाई, लेकिन उन्हें भी बाहर कर दिया। मौर्य को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। जिनके ऊपर कई मुकदमे दर्ज हैं।अटल बिहारी बाजपेयी का भी ब्राम्हण होने के नाते पार्टी में कोई अस्तित्व नहीं है। नोटबंदी के बाद अभी तक 119 लोगों की मौत हो चुकी है। पूरे प्रदेश में गरीबों को अपना पैसा लेने के लिए बैंकों के बहार लाइन लगनी पड़ रही है और पुलिस उस पर लाठियां बरसा रही हैं। प्रधानमंत्री ने विदेश में जाकर के देश का मजाक उड़ाया। राज्यसभा और लोकसभा में 119 लोगो की मौत का जवाब मांगा जा रहा है। विजय माल्या को 10000 करोड़ लेकर विदेश भेज दिया। भाजपा, समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है।
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