सपा, बसपा, कांग्रेस जैसे सभी प्रमुख दल अब प्रदेश के मुस्लिम वोटरों को रिझाने में जुट गए हैं। कांग्रेस ने गुलाम नबी आजाद जैसे कद्दावर नेता की प्रदेश के विभिन्न इलाकों में ताबड़तोड़ जनसभाएं कराना शुरू किया है तो दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी नेतृत्व ने अब तक घोषित 325 उम्मीदवारों की सूची में 63 मुस्लिम उतार कर अपनी रणनीति साफ कर दी है। बसपा सुप्रीमो लगातार बयानों में मुसलमानों को सोच समझ कर वोट देने की सलाह दे रही हैं, वह समाजवादी पार्टी से मुसलमानों को आगाह भी कर रही हैं।
माना जा रहा है कि बहुजन समाज पार्टी भी प्रदेश की कुल 403 विधान सभा सीटों में से कम से कम 100 सीटों पर तो मुस्लिम उम्मीदवार के नामों को फाइनल कर दिया है। उन्हें चुनावी तैयारी के निर्देश दिए गए हैं। पिछले विधान सभा चुनाव में अपने तीन मुस्लिम विधायक लाने वाली पीस पार्टी के डा. अययूब भी मुस्लिम बाहुल्य इलाकों खासतौर पर पूर्वांचल में रैलियां कर रहे हैं। इन सबके बीच आल इण्डिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदउददीन ओवैसी भी लखनऊ और श्रवस्ती में सभाएं करेंगे।
सपा ने पश्चिमी उ.प्र. में खासतौर पर शामली, मुरादाबाद, सम्भल, रामपुर, अमरोहा, मेरठ, अलीगढ़, कासगंज, बरेली में मुस्लिम उम्मीदवार उतारे हैं। बाकी बची 78 सीटों में भी कई मुस्लिम हों तो हैरत नहीं। बसपा ने पिछले चुनावों में 85 मुस्लिमों को टिकट दिए थे
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