एटा। बैंकों द्वारा धन निकासी में की जा रही आनाकानी और लगातार रुपये न मिलने से लोगों का आक्रोश बढ़ रहा है। शुक्रवार को शहर में ठंडी सड़क स्थित बैंक पर लोगों ने काफी देर हंगामा किया। वहीं, अवागढ़ में भाकियू ने एक बैंक पर दो घंटे के लिए तालाबंदी कर दी। उन्होंने बैंक पर गड़बड़ी के आरोप जड़े। इसके अलावा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की अन्य कई बैंकों में भी भीड़ के चलते बार-बार शोर-शराबे जैसी स्थिति बनती रही।
शहर में ठंडी सड़क स्थित बैंक आफ बड़ौदा पर सुबह के समय लोग कतार में लगे थे। कतार में आगे लगने को लेकर कुछ लोगों में आपसी विवाद और मारपीट हो गई। लोगों ने उन्हें शांत करा दिया लेकिन कुछ देर बाद बैंक ने कैश की कमी जाहिर कर दी और बैंक द्वारा रुपये न बांटने की बात बाहर खड़े लोगों में पहुंच गई। इसे लेकर लोग हंगामा करने लगे। भीड़ सड़क पर उतर आई और जाम जैसी स्थिति बन गई। बैंक के बाहर जाम और हंगामे की सूचना पर तुरंत ही एसडीएम रविप्रकाश श्रीवास्तव, सीओ सिटी निवेश कटियार पुलिसबल सहित वहां पहुंचे। लोगों को शांत कराया, वहीं बैंक प्रबंधक को कैश की उपलब्धता के हिसाब से कुछ-कुछ पैसा बांटने की सलाह दी। जिस पर ग्राहकों को दो-दो हजार का वितरण शुरू करा दिया गया। तब कहीं जाकर यहां स्थिति सामान्य हुई।
अवागढ़ में सब्जी मंडी के पास स्थित श्रेयस ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त पर सुबह 10.30 बजे भाकियू भानु के प्रदेश प्रभारी पवन ठाकुर के नेतृत्व में तमाम कार्यकर्ता पहुंच गए। इन लोगों ने बैंक के चैनल पर ताला डालकर कामकाज रुकवा दिया। किसान नेताओं के आरोप थे कि बैंक में कमीशनखोरों को गुपचुप ढंग से मोटी रकम का भुगतान कर दिया जाता है जबकि किसान-मजदूरों को घंटों कतार में लगने के बाद हजार-दो हजार रुपये मिल पाते हैं। इस समय किसानों को अधिक रुपयों की जरूरत है। तालाबंदी की सूचना पर एसडीएम एनपी पांडेय और सीओ कौशलेंद्र सिंह पुलिस फोर्स सहित पहुंच गए। किसान नेताओं ने उन्हें प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। दोपहर 12.30 बजे बैंक पर पड़े ताले खुलवाए जा सके। इस दौरान अविनाश सिंह, शिवप्रताप सिंह, भीष्मपाल सिंह, करन सिंह, राजपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, ओमवीर सिंह, गौरव कुमार, नरेंद्र लोधी, बाबा खान, दिनेश कुमार आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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