
नई दिल्ली। कोलकाता स्थित एक झुग्गी-झोपड़ी में गुरबत की जिंदगी जी रहीं हिंदुस्तान के आखिरी मुगल बादशाह ''बहादुर शाह जफर'' की पौत्र वधू सुल्ताना बेगम (64) किसी तरह बहादुर शाह जफर की मिट्टी को रंगून से भारत लाना चाहती हैं। दिल्ली के महरौली स्थित जफर महल में खाली कब्र शहंशाह की मिट्टी का इंतजार कर रही है।
उनका कहना है कि इसके लिए वह किसी नेता के पास हाथ फैलाने नहीं जाएंगी। भारत सरकार को खुद चाहिए कि शहंशाह की मिट्टी को देश लेकर आए। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर ने वफादारी का सबूत दिया, लेकिन आज उनका खानदान मुफलिसी में जीने को मजबूर है। इसके लिए उन्होंने आजादी के बाद से लेकर अब तक की सरकारों को दोषी ठहराया।
सुल्ताना बेगम ने बताया कि पति के इंतकाल के बाद वर्ष 1981 में पेरिस का एक परिवार उन्हें अपने वतन ले जाने के लिए आया था, लेकिन उन्होंने उस बुरे वक्त में भी हिंदुस्तान को ही चुना।