ATM की लाइन में खड़े शख्स की हो गई मौत लेकिन लोग निकालते रहे पैसे




कोलकाता। केंद्र सरकार व भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा की गई नोटबंदी के बाद पश्चिम बंगाल में एटीएम की कतार में लगे एक शख्स की दिल का दौरा पड़ने से मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, कतार में खड़े अन्य लोगों में से किसी ने भी दर्द से तड़प रहे इस शख्स को समय पर अस्पताल पहुंचाने या उसकी मदद करने की कोशिश नहीं की। 

एटीएम से पैसे निकालने के लिए सभी अपनी बारी का ऐसे इंतजार करते रहे मानो वहां कुछ हुआ ही न हो। इस बारे में प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए पूछा कि क्या 'मोदी बाबू' यह सब देख पा रहे हैं?

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के अनुसार, यह दर्दनाक घटना कोलकाता से 60 किमी दूर बैंडेल में शनिवार सुबह हुई। मृतक की पहचान कलोल रे चौधरी (53 वर्ष) के रूप में हुई है जो राज्य सरकार के कर्मचारी थे। वह कूचबिहार में लैंड रेवेन्यू ऑफिस में कार्यरत थे। खबर के अनुसार, चौधरी एटीएम के नजदीक 30 मिनट तक दर्द से तड़पते रहे, लेकिन इस दौरान किसी ने मदद नहीं की। उनके एक दोस्त ने वहां से गुजर रहे अन्य लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। उनके परिवार ने मौके पर मौजूद लोगों पर अनदेखी का आरोप लगाया और कहा कि चौधरी बच जाते अगर उन्हें वक्त पर अस्पताल पहुंचाया गया होता।

चौधरी कोलकाता के बेहाला स्थित अपने घर जा रहे थे। वह एटीएम की लाइन में लगने के लिए बैंडल स्टेशन के नजदीक रुके। यहां वह ट्रेन बदलने के लिए रुके थे। उस वक्त उनका एक दोस्त भी साथ था। सुबह सात बजे के करीब वह लाइन में लगे। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। वह अपनी छाती पकड़े-पकड़े जमीन पर लेट गए। उनके दोस्त ने वहां मौजूद लोगों से मदद मांगी। कुछ दुकानदार मदद के लिए आगे तो आए, लेकिन किसी ने डॉक्टर बुलाने या उन्हें अस्पताल पहुंचाने की कोशिश नहीं की। सुबह साढ़े सात बजे के करीब किसी ने एम्बुलेंस की व्यवस्था की और चौधरी को अस्पताल पहुंचाया। वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

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