मोदी ने जिस इंजीनियर की थी तारीफ, उसने 80 लाख के फर्जी नोट प्रिंट करके खरीदी ऑडी कार

 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस इंजीनियर की ‘मेक इन इंडिया’ के लिए तारीफ की थी, वह 42 लाख की कीमत वाले 2000 रुपए के फर्जी नोट के साथ गिरफ्तार हुआ है। पंजाब पुलिस ने अभिनव वर्मा, विशाखा वर्मा और सुमन नागपाल को फर्जी नोट के साथ शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। 

अभिनव एक इंजीनियर है, विशाखा एमबीए स्टूडेंट और सुमन नागपाल एक प्रॉपर्टी डीलर हैं। अभिनव और विशाखा अपने दफ्तर में 2000 रुपए के फर्जी नोट प्रिंट करते थे और नागपाल उन क्लाइंट्स को ढूंढ़ता था जो कि अपने कालेधन को नए नोटों से बदलवाना चाहते थे।

जनसत्ता की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस का कहना है कि इनकी पांच लोगों की गैंग थी। ये लोग 30 फीसदी के कमीशन के साथ पुराने नोट बदलते थे। अभी इनके दो साथी प्रमोद और हर्ष को गिरफ्तार करना है, जो कि बतौर ड्राइवर अभिनव की कंपनी के साथ जुड़े हुए थे। इन लोगों ने करीब 80 लाख रुपए के फर्जी नोट प्रिंट किए थे।

अभिनव ने पिछले साल दावा किया था कि उसने ‘Live Braille’ नाम की एक डिवाइस बनाई है, इस डिवाइस की मदद से दृष्टिहीन लोग बिना किसी छड़ी के कहीं भी घूम सकते हैं। डिवाइस को इस साल मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत लॉन्च किया गया था। इस डिवाइस को भारत और अन्य 15 देशों में बेचा गया था। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल दिसंबर महीने में बेंगलूरु में ‘इंडियन साइंस कांग्रेस’ अभिनव का जिक्र करते हुए तारीफ की थी। अभिनव की इस डिवाइस को काफी फेम मिली थी। इस डिवाइस ने देश-विदेश में काफी अवार्ड भी जीते हैं। अभिनव ने कहा था कि वह भारत में 5 करोड़ लोगों की इस डिवाइस के जरिए से जिंदगी बदलना चाहते हैं।

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