लखनऊ/नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी कुनबे में टिकट वितरण को लेकर जारी रार शुक्रवार को आर-पार की लड़ाई में तब्दील हो गई. पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने शुक्रवार शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया. उन्होंने कहा कि रामगोपाल ने पार्टी को बहुत नुकसान पहुंचाया है. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव नहीं समझ रहे. रामगोपाल उनका भविष्य बर्बाद कर रहे हैं. वहीं, इस घोषणा के बाद लखनऊ में अख्ािलेश के समर्थन और शिवपाल के विरोध में कार्यकर्ताओं ने खूब नारेबाजी की.
ये निष्कासन पूरी तरह से असंवैधानिक- रामगोपाल यादव
पार्टी से निकाले जाने के बाद रामगोपाल यादव ने कहा कि 'ये निष्कासन पूरी तरह से असंवैधानिक है. बिना पक्ष सुने कार्रवाई नहीं की जा सकती. सम्मेलन तो बुलाया ही जाएगा. सारा काम असंवैधानिक हो रहा है. नेताजी (मुलायम सिंह) को पार्टी का मालूम नहीं है.
पार्टी में वापस आने के बाद रामगोपाल ने सीधा मुझ पर हमला किया : मुलायम
गौरतलब है कि सपा सुप्रीमो ने कुछ समय पहले भी रामगोपाल को पार्टी से छह साल के लिए निकाल दिया था. इस पर मुलायम ने कहा कि उसके बाद रामगोपाल ने माफी मांग ली थी और अपनी गलती स्वीकार कर ली थी. इसलिए उनको माफ कर दिया था, लेकिन अब पार्टी में वापस आने के बाद रामगोपाल ने सीधा मुझ पर हमला किया है. इसको बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. इसलिए रामगोपाल को पार्टी से निकाला जाता है.
रामगोपाल ने अखिलेश का भविष्य खराब किया : सपा प्रमुख
उन्होंने आगे कहा, रामगोपाल ने मुझे बिना बताए पार्टी का अधिवेशन बुलाने का फैसला लिया. जबकि इस तरह का फैसला लेने का अधिकार केवल राष्ट्रीय अध्यक्ष को है. उन्होंने अखिलेश पर तंज कसते हुए कहा कि मैं भी मुख्यमंत्री रहा लेकिन कभी इस तरह का मामला कभी नहीं रहा. मेरे समय में ऐसी कोई बात नहीं रही. रामगोपाल ने अखिलेश का भविष्य खराब किया. अखिलेश को भी अनुशासनहीनता की वजह से छह साल के लिए पार्टी से निकाला जाता है.
इसके साथ ही रामगोपाल के पार्टी सम्मेलन को असंवैधानिक करार देते हुए मुलायम सिंह ने सपा कार्यकर्ताओं से उस सम्मेलन में भाग नहीं लेने की अपील की. उन्होंने साथ ही यह भी जोड़ा कि आगामी चुनाव में सपा की तरफ से मुख्यमंत्री कौन होगा, यह हम तय करेंगे. साथ ही यह भी कहा कि यदि अखिलेश अपना भविष्य खुद खराब करने पर तुले हैं तो उसमें कोई क्या कर सकता है. मेरा लक्ष्य पार्टी को बचाना है, इसलिए यह कार्रवाई की.
इससे पूर्व पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने अलग से उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करने पर शुक्रवार को सीएम अखिलेश यादव और पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और उनसे पूछा है कि क्यों न अनुशासनहीनता पर कार्रवाई की जाए. अखिलेश ने कल 235 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी और पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता माना है. वहीं, रामगोपाल यादव ने आगामी एक जनवरी को पार्टी के राष्ट्रीय प्रतिनिधियों का आपातकालीन सम्मेलन बुलाकर किसी निर्णायक फैसले की संभावनाओं को हवा दे दी।इससे पहले गुरुवार को अखिलेश यादव के समर्थक पूरे दिन 325 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करने के मुलायम सिंह के फैसले के खिलाफ अखिलेश के बंगले के बाहर नारेबाज़ी करते रहे. अखिलेश अपने समर्थकों के टिकटों की पैरवी के लिए मुलायम से मिलने पहुंचे, जहां मुलायम अखिलेश और शिवपाल में घंटों मीटिंग चली, लेकिन बैठक बेनतीजा रही. बाद में अखिलेश ने अपने करीबी मंत्रियों, विधायकों के साथ मुलाक़ात कर उनका साथ देने का भरोसा दिया.
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