नोटबंदी लागू करने में PMO फेल, किस देश में जमा के बाद पैसा निकालने की इजाजत नहीं होती-मनमोहन सिंह

खास बातें : नोटबंदी लागू करने में PMO फेल, किस देश में जमा के बाद पैसा निकालने की इजाजत नहीं होती-मनमोहन सिंह
राज्यसभा में पीएम मोदी
नई दिल्ली: नोटबंदी को लेकर विपक्ष राज्यसभा में बहस जारी है.पीएम नरेंद्र मोदी भी राज्यसभा में मौजूद हैं.विपक्ष का कहना है कि इस फैसले से आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसे लागू करने के लिए सही तैयारी नहीं की गई.
मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :
  1. राज्यसभा में कांग्रेस के सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा-यह पहली बार हो रहा है कि प्रधानमंत्री खुद नहीं आ रहे. वह इस पर स्टेटमेंट नहीं दे रहे हैं. आपने बिना तैयारी के नोटबंदी लागू की. इससे आम आदमी परेशान है. उन्हें इस पर बयान देना चाहिए. वह सिर्फ बीजेपी के ही नहीं, हमारे भी पीएम हैं. हम प्रधानमंत्री को कब सुनेंगे.
  2. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि नोटबंदी से जीडीपी में 2 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है. नोटबंदी में अमल में काफी अव्यवस्था दिख रही है. बदइंतजामी से लोग परेशानी हैं. पीएम को इस योजना को रचनात्मक तरीके से लाना चाहिए था. पीएम ने लोगों से 50 दिन मांगे हैं, जो लोगों पर भारी पड़ेंगे. आरबीआई और पीएमओ इसे लागू करने में पूरी तरह फेल रहे. आपने ऐसा किस देश में सुना है कि पैसा जमा कराने के बाद निकालने की इजाजत नहीं होती.
  3. सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि यह फैसला यूपी चुनावों को ध्यान में रखकर लिया गया. आपके पास जितनी करेंसी उसका 10 प्रतिशत ही दे पाए. वित्तमंत्री को भी भरोसे में न लेना कितना सही है. यही नहीं काली स्याही लगाने का निर्णय भी पूरी तरह गलत है.
  4. पीएम मोदी के भावुक होने को लेकर भी निशाना साधा और कहा कि भावुक प्रधानमंत्री हमारे देश की रक्षा कैसे करेंगे. अगर हमारे प्रधानमंत्री को जान का खतरा हो सकता है तो पाकिस्तान से हमारे देश की रक्षा कौन करेगा?
  5. उधर, नोटबंदी को लेकर लोकसभा में भी हंगामा हुआ. संसद में जारी गतिरोध के बीच विपक्षी समाजवादी पार्टी के सांसद अक्षय यादव ने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन पर कागज के टुकड़े फेंक दिए. इससे गुस्साई लोकसभा स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी और माना जा रहा है कि यादव के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है.
  6. नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार कहती रही है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली इस मुद्दे पर बहस का जवाब देंगे. सूत्रों के मुताबिक अब सरकार विपक्षी दलों से समझौते के किसी बिंदु की तलाश में है. गुरुवार को विभिन्न पार्टियों के नेताओं से बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुलाकात करने वाले हैं.
  7. सरकार का कहना है कि यह कदम कालाधन, भ्रष्टाचार और जाली नोट के खिलाफ उठाया गया है और वह नियम 193 के तहत चर्चा कराने को तैयार है. हालांकि विपक्षी दल कार्य स्थगित करके चर्चा कराने की मांग पर अड़े हुए हैं.
  8. संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने बुधवार को कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा को तैयार है, लेकिन इस प्रकार से बैनर, पोस्टर दिखाना कांग्रेस जैसे दल के लिए ठीक नहीं है, जिसने देश पर 50 साल से अधिक समय तक शासन किया.
  9. नोटबंदी के मुद्दे पर एकजुट विपक्ष ने बुधवार को संसद भवन के समक्ष धरना दिया और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने इसे अचानक किया गया दुनिया का सबसे बड़ा वित्तीय प्रयोग करार दिया.
  10. 18 दिसंबर को खत्म हो रहे संसद के शीत सत्र के दौरान सरकार को कई अहम बिल पास कराने हैं. इसमें बड़े आर्थिक सुधार से संबंधित जीएसटी से जुड़े दो बिल भी हैं. अप्रैल 2017 में जीएसटी को लागू कराने के लिए सरकार को इस सत्र में यह बिल पास कराना जरूरी है. इन बिलों को पास कराने के लिए सरकार को विपक्षी दलों का समर्थन चाहिए, खासकर राज्यसभा में जहां यह अल्पमत में है

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