बचपन में थी कड़क चाय बनाने की आदत, इसलिए लेता हूं कड़े फैसले: PM मोदी

गाजीपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यूपी के गाजीपुर में एक जनसभा को संबोधित किया. अपने भाषण की शुरुआत उन्होंने भोजपुरी में की और वीर अब्दुल हमीद की वीरता और बलिदान को याद किया. इस दौरान उन्होंने बड़े ही मजाकिया अंदाज में कहा कि वे बचपन में कड़क चाय बनाते थे इसलिए निर्णय भी कड़क ही लेते हैं.
 
पीएम मोदी संबोधन में कहा, 'मेरे निर्णय बड़े ही कड़क हैं. बचपन में लोग मेरे से कड़क चाय बनाने के लिए कहते थे, इसलिए कड़क मेरी आदतों में है. उत्तर प्रदेश अगर लोकसभा चुनाव में मदद नहीं करता तो कालेधन वालों को चिंता नही होती और न भ्रष्टाचारियों को चिंता होती. ये आपके वोट की ताकत है गरीब चैन की नींद सो रहा है और अमीर नींद की गोलियां खा रहा है.'
 
अपने वादे को ब्याज सहित लौटाउंगा
पीएम मोदी ने कहा, 'मैंने वादा किया था कि आपके प्यार को विकास के साथ ब्याज सहित लौटाउंग. मैंने गोरखपुर में फर्टिलाइजर को फिर से शुरु किया है. 1962 में गाजीपुर के सांसद ने पंडित नेहरू से कहा था कि आप जिस पूर्वांचल से आते हैं वहां गरीबी है. पंडित जी आपके ही जन्मदिन पर आपके अधूरे काम को पूरा कर श्रद्धांजलि देने आया हूं.'
 
उन्होंने अपने संबोधन में आगे कहा, '1962 में कहा गया था कि गंगा जी पुल पर बना दिया जाए, लेकिन सरकारें आईं, सभाएं हुईं, वोट बटोरे गए और कोई काम नहीं हुआ. आज मुझे उसी पुल का शिलान्यास करने का मौका दिया गया. हमने किसानों से लिए फसल बीमा योजना लागू की है कि कटाई के बाद भी 15 दिन तक अगर नुकसान हो गया तो भी उसका बीमा मिलेगा. हिंदुस्तान में धन की कमी नहीं है, लेकिन धन कहां पड़ा है यह समस्या है.

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