
आज देखने को मिला। यहां के सीबीगंज की परसा खेड़ा रोड नंबर एक पर 500 और 1000 के नोट की कतरन जलती मिली है। इस कतरन को बोरों में भरकर लाकर यहां जलाया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस द्वारा करोड़ों रुपये की इस खेप की बरामदगी के बाद पूरे इलाके में चर्चा का बाजार गर्म हैं। फील्ड यूनिट ने जले नोटों के नमूने और कतरन विधि विज्ञान प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिये हैं।
बरेली में 500-1000 के कटे फटे नोट मिलने से सनसनी फैल गयी। मौके पर पहुंची पुलिस और आरबीआई टीम ने सभी कटे नोटों को कब्जे में लेकर जांच में जुट गयी है। बता दें कि ये 1000-500 के कटे नोटों की जलती खेप शहर के एक बड़े उद्योगपति की फैक्ट्री के सामने मिली है। मामला सीबीगंज थानाक्षेत्र के परसाखेड़ा औद्योगिक इलाके का हैं। वहीं कुछ लोगों के द्वारा इन नोटों को स्क्रेप के ढेर में आग लगाकर सबूत छिपाने की भी की गयी लेकिन किसी राहगीर ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी।
करोड़ों के नोट होने का अनुमान
बरेली पुलिस का दावा है कि मंगलवार आधी रात के बाद करोड़ों की काली कमाई को सफेद करने का कोई विकल्प न देख किसी कारोबारी ने पहले मशीनों से नोटों के जखीरे की कतरन कराई और फिर रोड नंबर दो पर तीन बोरों में भरकर आग के हवाले करा दिया। जली और बची कतरन से अनुमान लगाया जा रहा है कि रकम कई करोड़ रही होगी। दरअसल यहां से गुजर रहे एक व्यक्ति के हाथ नोट की कतरन लगने पर मामले ने तूल पकड़ा। सीबीगंज थाना इंस्पेक्टर राकेश सिंह पहले इसे मजाक समझते रहे लेकिन चौकी चौकी इंचार्ज अरुण सिंह ने पुष्टि की तो खुद एसएसपी जोगेंद्र कुमार मौके पर पहुंच गए।
मजाक समझ टालती रही पुलिस
पुलिस के अनुसार जलने से बची कतरन 50, 100, 500 और 1000 के नोट की लग रही हैं। कागज की गुणवत्ता हल्की होने से शक है कि यह जाली भी हो सकते हैं। परसाखेड़ा के तमाम प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पुलिस इनकी फुटेज खंगाल रही है। शुरुआती सूचना पर पुलिस घटना को मजाक समझती रही। उर्स में लगी ड्यूटी पर थानाध्यक्ष को नोट जलने की बात बताई गई तो वे टालते रहे। पुष्टि होने पर फील्ड यूनिट को बुलाया। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि नोट जलाने की सूचना पर मैं जांच के लिए परसाखेड़ा गया था। जांच चल रही है। अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।(care of media)
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