नोटबंदी के चलते एक ओर जहां आम जनता परेशान है, वहीं केंद्रीय मंत्री भी इससे अछूते नहीं रहे। केंद्रीय सांख्यिकी मंत्री सदानंद गौड़ा को भी इस नोटबंदी से परेशानी का सामना करना पड़ा, जब वे मंगलौर के अस्पताल में अपने मृतक भाई का शव लेने पहुंचे और अस्पताल ने पुराने नोट लेने से इंकार कर दिया।
दरअसल, मंगलवार रात सदानंद गौड़ा के भाई का मंगलौर के एक निजी अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। गौड़ा अपने भाई का शव लेने अस्पताल पहुंचे, अस्पताल ने पुराने नोट लेने से मना कर दिया। जिसके बाद गौड़ा गुस्सा गए।
उनके भाई पिछले कई दिनों से जॉन्डिस से लड़ रहे थे और मंगलवार को उनका निधन हो गया। गुस्साए गौड़ा ने अस्पताल प्रशासन से लिखित में जानकारी मांगी की अस्पताल ने पुराने नोट लेने से मना क्यों किया ? अस्पताल ने कहा कि नियम के अनुसार सरकारी अस्पताल पुराने नोट लेंगे, लेकिन निजी अस्पताल नहीं। शायद केंद्रीय मंत्री को इसकी जानकारी नहीं है।
बता दें कि सरकार ने 24 तारीख तक सिर्फ सरकारी अस्पतालों को पुराने नोट लेने की मंजूरी दी है। गौड़ा ने इस घटना के बाद कहा, मैंने अस्पताल प्रशासन से कहा वे लिखकर दे दें कि वे पुराने नोट नहीं लेंगे, इसके बाद ही हम किसी और कदम के बारे में सोचेंगे।
दरअसल, मंगलवार रात सदानंद गौड़ा के भाई का मंगलौर के एक निजी अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। गौड़ा अपने भाई का शव लेने अस्पताल पहुंचे, अस्पताल ने पुराने नोट लेने से मना कर दिया। जिसके बाद गौड़ा गुस्सा गए।
उनके भाई पिछले कई दिनों से जॉन्डिस से लड़ रहे थे और मंगलवार को उनका निधन हो गया। गुस्साए गौड़ा ने अस्पताल प्रशासन से लिखित में जानकारी मांगी की अस्पताल ने पुराने नोट लेने से मना क्यों किया ? अस्पताल ने कहा कि नियम के अनुसार सरकारी अस्पताल पुराने नोट लेंगे, लेकिन निजी अस्पताल नहीं। शायद केंद्रीय मंत्री को इसकी जानकारी नहीं है।
बता दें कि सरकार ने 24 तारीख तक सिर्फ सरकारी अस्पतालों को पुराने नोट लेने की मंजूरी दी है। गौड़ा ने इस घटना के बाद कहा, मैंने अस्पताल प्रशासन से कहा वे लिखकर दे दें कि वे पुराने नोट नहीं लेंगे, इसके बाद ही हम किसी और कदम के बारे में सोचेंगे।
उन्होंने कहा, केंद्र ने आदेश दिए हैं कि 24 नवबंर तक अस्पताल पुराने नोट लेंगे। ऐसे में वे मना नहीं कर सकते हैं। गौड़ा अस्पताल बिल पेमेंट करने गए थे।