
बाजारशुकुल : राजकीय धान क्रय केंद्र के खाते पर अब धन आ गया है। अब किसानों को बिचौलियों के हाथ अपनी गाढ़ी कमाई कौड़ियों के हाथ नहीं बेचनी पड़ेगी। वरिष्ठ विपणन निरीक्षक दिनेश कुमार द्वारा दे गयी जानकार के अनुसार उनके केंद्र से संबंधित खाते में 15 लाख रुपये आ चुके हैं। किसान अपने साथ खसरा खतौनी व किसान बही लेकर आएं और अपना धान सरकार के समर्थन मूल्य पर बेच कर लाभ कमाएं। उन्होंने कहा कि जो किसान पहले केंद्र पर अपना धान बेचेगा उसे उसकी कीमत पहले मिलेगी। 67 फ सद चावल की रिकबरी देने वाली प्रजातियों के धान ही खरीदे जाएंगे। केंद्र पर खरीद पूर्णतया ऑनलाइन होगी। किसान अपनी उपज को बिचौलियों के हाथ न बेचकर सरकारी क्रय केंद्र पर ही बेचें।
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