तीन दिन तक लाइन में लगने पर भी नहीं मिले पैसे तो लगा ली फांसी

मोदी सरकार ने नकली करेंसी और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए 1000 और 500 के नोट पर पाबंदी लगाई है. लेकिन सरकार का यह फरमान अब लोगों के लिए जानलेवा बनता जा रहा है. दिल्ली में नोट बदलने गई युवती ने हताश होकर मौत को गले लगा लिया. युवती तीन दिन से लाइन में लगकर नोट बदलने की कोशिश कर रही थी.
दिल दहला देने वाली यह वारदात उत्तर-पूर्वी दिल्ली के थाना खजूरी खास इलाके की है. जहां श्रीराम कलोनी में रहने वाले अंसार की 24 वर्षीय बहन रिजवाना तीन दिन से नोट बदलने के लिए बैंक की लाइन में लग रही थी. लेकिन इसके बावजूद वह नोट नहीं बदल पाई. इस बात वो खासी हताश हो गई और उसने घर में ही फांसी लगा कर जान दे दी.
मृतका के भाई ने भी उसकी मौत का कारण नोटो पर लगी पाबंदी को ही बताया. उसके भाई ने कहा कि उसकी बहन को तीन दिन से लाइन में लग रही थी. लेकिन फिर भी उसे पैसा नहीं मिला. घटना की खबर फैलते ही पीड़िता के घर के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई.
बताया जा रहा हैं कि रविवार को जब अंसार काम पर गया हुआ था. तब रिजवाना बैंक की लाइन में पैसे बदलवाने गई थी. दो दिन से वह इसी तरह जा रही थी. लेकिन पूरा दिन लाइन में लगने के बाद भी उसके पैसे नहीं बदले गए. रविवार को तीसरे दिन भी उसे पैसे नहीं मिले.
देर शाम वह निराश होकर घर लौट आई और उसने कमरे में जाकर पंखे से लटक कर फांसी लगा ली. परिवार और इलाके की जनता रिजवाना की मौत से काफी दुखी है. लोगों में इस बात का रोष हैं कि सरकार को पहले करेंसी बदलने के पुख्ता इंतेजाम करने चाहिए थे और बाद में यह कदम उठाना था.
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने पंचनामे की कार्रवाई को अंजाम देने के बाद रिजवाना का शव का पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. परिजनों ने उसकी मौत के लिए सरकार के तुगलकी फरमान को जिम्मेदार ठहराया है.

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