नोट पर बैन: कहीं कतारें, कहीं आत्महत्या तो कहीं जलते नोट

Indien Straßenverkäufer mit Geldscheine Archiv 2013 (picture-alliance/AP Photo/B. Rout)




















भारत में पांच सौ और एक हजार रुपये के पुराने नोट बंद करने के सरकार के फैसले से अफरातफरी फैली है. जहां देश भर में लोग घंटों एटीएम के बाहर लाइन लगाए खड़े हैं, वहीं आत्महत्या और नोटों को जलाने के मामले भी सामने आ रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को घोषणा की कि पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट अब नहीं चलेंगे और उनकी जगह नए नोट आएंगे. इसके बाद, आंध्र प्रदेश के महबूबाबाद में रहने वाली 55 वर्षीय कांड़ुकुरी विनोदा को लगा कि उनका सारा नकद पैसा बर्बाद हो जाएगा. स्थानीय पुलिस अफसर राज ने बताया, "परिवार ने हमें बताया कि वह नोटों पर प्रतिबंध की खबर से बहुत सदमे में थी और उसने खुद को फांसी लगा ली.”
विनोदा ने पिछले महीने ही अपनी कुछ जमीन बेची थी जिसके उसे 55 लाख रुपये नकद मिले थे. स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार विनोदा ने इसमें से कुछ रकम का इस्तेमाल अपने पति के इलाज के लिए किया जबकि बाकी रकम से वह एक प्लॉट खरीदना चाहती थी.
भारत में जब से पांच सौ और एक हजार के नोट बंद हुए हैं, तब से लोगों में हड़कंप है. उत्तर प्रदेश में पुलिस ऐसी खबरों की जांच कर रही है कि कई लोग जुर्माने या सजा से बचने के लिए नोटों के बोरे जला रहे है. बरेली जिले के पुलिस प्रमुख जोगिंदर सिंह ने बताया, "हमने कुछ नूमने फॉरेंसिक टेस्ट के लिए भेजे हैं और बैंक अधिकारियों ने जांच करने को कहा है कि क्या जलाए गए बोरे नोटों से ही भरे थे.”

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