नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल से नोटबंदी के मुद्दे पर एनडीटीवी से खास बातचीत की. इस मौके पर केजरीवाल ने खुलकर अपने विचार रखें. इस इंटरव्यू को यहां प्रश्नोत्तर के रूप में पेश किया जा रहा है.
शरद शर्मा- नोटबंदी पर मोदी सरकार की कोई सबसे ज़्यादा आलोचना कर रहा है तो वो हैं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल. अरविन्द केजरीवाल हमारे साथ हैं.. अरविन्द जी आपकी पार्टी का जन्म ही भ्रष्टाचार के मुद्दे पर हुआ आप राजनीति में इसी मुद्दे पर आये लेकिन इस कदम पर तो आपको सरकार का साथ देना चाहिए था क्योंकि इसमें कहा जा रहा है कि काला धन ख़त्म होगा कम होगा लेकिन आप विरोध कर रहे हैं.
अरविन्द केजरीवाल- आपने बिलकुल सही कहा अगर भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़, कालाबाज़ारी के ख़िलाफ़, काला धन के खिलाफ कोई भी इफेक्टिव कदम उठाया जाएगा सही नीयत से उठाया जाएगा तो सबसे आगे आपको अरविन्द केजरीवाल, आम आदमी पार्टी और सारे वालंटियर्स नज़र आएंगे, लेकिन ये कालाधन ख़त्म करने और भ्रष्टाचार ख़त्म करने के नाम पर देश को बहुत बड़ा धोखा दिया जा रहा है.
पहली चीज़- 500-1000 के नोट बंद करके 2000 के नोट लाने से काला धन और भ्रष्टाचार कैसे काम होगा ये मेरी समझ से बाहर है. अगर कोई आदमी 500 के 200 नोट लेकर जाता था एक लाख रुपये की रिश्वत देने के लिए तो उसको अब 2-2 हज़ार रुपये के 50 नोट ले जाने पड़ेंगे उसके लिए टोनर सहूलियत कर दी आपने.
अगर किसी के घर में 1-1 हज़ार रुपये का काला धन भरा पड़ा था तो अब वो दोगुने नोट रख पायेगा. तो ये 500-500 के नोट बंद करके आपने 2 हज़ार के नोट चालू कर दिए इससे कालाधन कैसे कम होगा ये समझ के परे है.
दूसरा: इस देश के अंदर दो तरह के लोग हैं एक वो जिनके पास काला धन है और एक वो जिनके पास काला धन नहीं है
जो लाइनों में लगे हैं एटीएम और बैंकों के बाहर इनमें से एक भी आदमी एक भी नया पैसा काला धन का लेकर नहीं खड़ा, काले धन वाले नहीं हैं ये लोग. जिनके पास काला धन है वो लाइनों में नहीं लगे हैं.
जिनके पास काला धन है वो भी दो तरह के लोग हैं एक वो जो मोदीजी और बीजेपी के दोस्त हैं, उनके लोग हैं और एक वो लोग जो उनके लोग नहीं हैं जो मोदी जी के लोग हैं, बीजेपी के लोग हैं, उनको इन्होंने हफ़्ताभर पहले बता दिया था इनको जानकारी दे दी थी. इन्होंने अपना सारा पैसा ठिकाने लगा दिया. इसके कुछ सबूत मैं आपको दिखाना चाहता हूँ. जैसे ये देखिये यूनियन बैंक में डिपॉजिट्स अप्रैल मई जून के महीने में माइनस 1.2% था यानी कम हुआ लेकिन जुलाई से सितंबर के महीने में 6.7% हो गया बढ़कर. इतने ज़बरदस्त डिपॉजिट्स कैसे आये?
बैंक ऑफ़ बड़ौदा का पिछले साल दिसंबर से लेकर जून तक नेगेटिव ग्रोथ रेट रहा डिपॉजिट्स में और .........READ MORE