नई दिल्ली। शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जो की हमेशा अपने बयानों की वजह से चर्चा का विषय बने रहते है। सरकार द्वारा नोटबंदी के फैसले पर शंकराचार्य ने एक धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए सरकार के इस फैसले को अनुचित करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कड़ी आलोचना की है।
हिन्दखबर के अनुसार शंकराचार्य ने नरेन्द्र मोदी को खलनायक बताते हुए कहा की मोदी द्वारा लिया गया नोटबंदी का फैसला अनुचित है। उन्होंने कहा की मोदी सेवक नहीं बल्कि खलनायक और तानाशाह की भाषा बोल रहे है।
उन्होंने ने आगे बात करते हुए कहा की मोदी कह रहे हैं की आजादी के समय से हिसाब लेंगे। यह एक धमकी है। हिसाब लेने का काम कानून का है, भला मोदी कौन होते है ये मांग करने वाले। ये राष्ट्र मोदी के हिसाब से नहीं बल्कि संविधान के हिसाब से चलेगा।
शंकराचार्य ने मोदी सरकार कि निंदा करते हुए ये भी कहा की मोदी राज अंग्रेजो के राज से भी ज्यादा गया बीता राज है। उन्होंने आगे सवाल किया की भला मोदी कौन होते है सबको बेईमान कहने वाले? उन्होंने कहा की सरकार जान माल की रक्षा करने के बजाय जनता का जान और माल लूट रही है। जनता को लाइनों में खड़ा करके दुखी करना लोकतंत्र नहीं है।
शंकराचार्य ने आगे सरकार द्वारा लिए गए इस नोटबंदी के फैसले से देश में हो रही मौतों पर भड़कते हुए कहा की लोगों की इस मौत से नरेन्द्र मोदी को श्राप लगेगा। उन्होंने इस फैसले से शादियों में आरही दिक्कतों की भी आलोचना करते हुए कहा, "लडकियों के विवाह के समय ये फैसला लेने उनके साथ किए गए किसी धोके जैसा है।"
हिन्दखबर के अनुसार शंकराचार्य ने नरेन्द्र मोदी को खलनायक बताते हुए कहा की मोदी द्वारा लिया गया नोटबंदी का फैसला अनुचित है। उन्होंने कहा की मोदी सेवक नहीं बल्कि खलनायक और तानाशाह की भाषा बोल रहे है।
उन्होंने ने आगे बात करते हुए कहा की मोदी कह रहे हैं की आजादी के समय से हिसाब लेंगे। यह एक धमकी है। हिसाब लेने का काम कानून का है, भला मोदी कौन होते है ये मांग करने वाले। ये राष्ट्र मोदी के हिसाब से नहीं बल्कि संविधान के हिसाब से चलेगा।
शंकराचार्य ने मोदी सरकार कि निंदा करते हुए ये भी कहा की मोदी राज अंग्रेजो के राज से भी ज्यादा गया बीता राज है। उन्होंने आगे सवाल किया की भला मोदी कौन होते है सबको बेईमान कहने वाले? उन्होंने कहा की सरकार जान माल की रक्षा करने के बजाय जनता का जान और माल लूट रही है। जनता को लाइनों में खड़ा करके दुखी करना लोकतंत्र नहीं है।
शंकराचार्य ने आगे सरकार द्वारा लिए गए इस नोटबंदी के फैसले से देश में हो रही मौतों पर भड़कते हुए कहा की लोगों की इस मौत से नरेन्द्र मोदी को श्राप लगेगा। उन्होंने इस फैसले से शादियों में आरही दिक्कतों की भी आलोचना करते हुए कहा, "लडकियों के विवाह के समय ये फैसला लेने उनके साथ किए गए किसी धोके जैसा है।"
