
जोधपुर। देश में 500-1000 के नोट बंद होने से आम से लेकर खास तक परेशान हैं। यही नहीं, नोट बंदी ने थोड़ी मुश्किल शौकीन लोगों के लिए भी कर दी है। खास-खास नंबर के नोट इकट्ठे करने वाले लोग भी नोटबंदी से परेशान हैं। जोधपुर में केबल व्यवसायी शांति स्वरूप शर्मा भी ऐसे लोगों में से एक हैं।
शांति स्वरूप नोटों की सीरिज के अंत में 786 अंक वाले वाले नोट इकट्ठे रखने के शौकीन हैं। कई वर्षों से वे छोटे बड़े सभी नोट जिनके नंबर के आखिरी तीन अंक 786 होते थे, इकट्ठे कर रहे थे। व्यवसाय के सिलसिले में जब भी उनके हाथ में नोट आते, वे सबसे पहले नोटों के आखिरी तीन अंक देखते और 786 दिखते ही उसे रख लेते।
इस तरह शांति स्वरूप ने साढ़े सात लाख रुपए इकट्ठे कर लिए। इनमें से साढ़े चार लाख रुपये पांच सौ और हजार रुपये के नोट हैं।
ईनाडु की रिपोर्ट के अनुसार शांति स्वरूप का कहना है कि नोटबंदी से उनकी सालों की मेहनत बेकार हो गई है। उनको इन नोटों को बैंक में जमा कराना होगा। इसमें उनको कोई खास परेशानी नहीं होगी। वे अपने व्यवसाय के कारण इतनी बड़ी रकम बैंक खाते में जमा करा सकते हैं।
शांति स्वरूप का कहना है कि नोटबंदी से उनका शौक खत्म नहीं हुआ है। वे अब नए नोटों में 786 वाले नोटों की तलाश करेंगे और उनको इकट्ठा करने में जुट जाएंगे।