नई दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली के जहांगीर पूरी में टीटू नाम के कबाड़ी से पुलिस ने करीब एक करोड़ रूपया बरामद किया, लेकिन इस पैसे को सरकारी खजाने में जमा करने के बजाए पुलिस इस काले धन को डकार गई। पुलिस ने रूपए एक महिला की शिकायत के बाद करामद किए थे, लेकिन शिकायतकर्ता महिला के मुताबिक इस खबर को छुपाने के लिए महिला को पुलिस ने लाखों रूपए की रिश्वत दी और मुंह बंद करने का दबाव बनाया। पुलिस ने जिन रूपयों को इस महिला को मुंह बंद करने के लिए दिए उसे बाकायदा इस महिला ने कैमरे पर दिखाया।
दरअसल जहांगीपुरी के इस घर में रहने वाले कबाड़ी को ये पैसे बोरिय़ों में भरे एक कूड़े के ढेर से मिले थे, जिसे नोटबंदी के बाद अनजान शख्स फेंक गया था। कबाड़ी को जब ये पैसे मिले तो वो पुलिस को बताने के बजाए उसे अपने घर लेकर चला गया, लेकिन जहांगीरपुरी की रहने वाली इस महिला को इसकी जानकारी लग गई। महिला ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। जानकारी मिलने के बाद पुलिस कबाड़ी के घर पहुंची और सारे पैसे लेकर चली गई। लेकिन पुलिस ने पैसों को सरकारी खज़ाने में जमा नहीं किया।
शिकायतकर्ता महिला को जब इसकी जानकारी मिली तो उसने बीते 15 तारीख की रात को ही PCR को कॉल कर सारी घटना की जानकारी दे दी। पीसीआर ने सारी जनकारी थाने से साझा की। इसके बाद पुलिस ने महिला को पहले थाने ले गई और वहां से बाबू जगजीवन राम हॉस्पिटल, जहां उसका मेडिकल कराया गया और उसके बाद रात भर अगले दिन शाम तक महिला को थाने में रखा गया। उसके बाद उसे पहले तो एसएचओ साहब ने धमकाया और फिर दूसरे पुलिसकर्मियों ने थाने से बाहर ले जाकर उसे जबरन नोटों की गड्डी थमा दी। मुंह ना बंद करने पर महिला पुलिस से पिटवाने की बात कही।
महिला के आरोप पुलिस महकमे को हिला देने वाले हैं। घटना के बाद हमने नॉर्थ वेस्ट डिस्ट्रिके के DCP से मामले पर सफाई मांगनी चाही, लेकिन उन्होंने कैमरे पर कुछ बोलने से मना कर दिया। अलबत्ता इस सनसनीखेज़ मामले की जांच के आदेश ज़रूर दे दिए हैं।
हमें लगा कि हो सकता है ये महिला झूट बोल रही हो। इसीलिए आरोपों की सच्चाई जानने में हम कबाड़ी टीटू के घर पहुंचे और पड़ोसियों से बात की तो उन्होंने बताया कि 15 तारीख की रात को पुलिस आई थी और वो कबाड़ी के घर से तीन थैले में पैसा भरकर ले गई थी। पुलिस भले ही मामले की लीलापोती कर रही हो, लेकिन आरोप लगा रही महिला के अलावा दूसरे गवाह भी मौजूद हैं जो बता रहे हैं कि पुलिस पैसे लेकर गई है। फिर सवाल उठता है कि आखिर पुलिस ने ऐसा क्यों किया।