यूपी के इस खनन मंत्री की करतूत से क्या अंजान है अखिलेश सरकार!


कौशांबी : अखिलेश सरकार में खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ने कौशांबी जिले में सिंडीकेट सिस्टम लागू कर दिया है। सिंडिकेट की वसूली के चलते जहां एक तरफ खनन ठेकेदारों के बीच खासा रार उत्पन्न हो गया है, तो वहीं दूसरी तरफ यमुना नदी के तराई इलाको में मजदूरो द्वारा सिंडीकेट का पुरजोर विरोध किया जा रहा है। सपा में गहरी पैठ रखने वाले सिंडीकेट के खिलाफ विपक्षी दल के नेताओं ने भी आवाज उठाने की बात कही है।

बौद्ध नगरी कौशांबी में सिंडीकेट के प्रभाव के चलते जिले के प्रशासनिक अधिकारी भी पूरी तरह से मौन हो गए है। सैकड़ो लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ आधुनिक असलहो से लैस यह सिंडीकेट यमुना नदी के तराई इलाको में दहसत पैदा कर बैरियर लगाकर गुंडा टैक्स की वसूली कर रहा है।
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मंत्री के भेजे सिंडीकेट के प्रभाव से आला अफसरो का प्रभावित होना लाजमी है, लेकिन इनसे मोर्चा लेने के लिए एक बार फिर से लाल सलाम उसी तरह सक्रीय हो रहा है, जैसे बीते दिनों औधन घाट पर कई जेसीबी व पुकलैंड मशीने को आग के हवाले कर दिया था। इस आगजनी व भारी बवाल में तीन लोग गोलियों का भी निशाना बने थे।

प्रदेस मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ने कौशांबी में सिंडीकेट सिस्टम लागू कर अखिलेश सरकार के पैर में कुल्हाड़ी मारने का काम किया है, यमुना नदी के तराई इलाको में करीब 50 हजार मजदूरो के पेट पर लात मारने वाले इस मंत्री को वो नही जानते, लेकिन अखिलेश सरकार को कोसने में कोई कोर कसर भी नही छोड़ रहे है।

अदालती पाबंदी के बाद भी यमुना नदी के घाटो से हो रहे बालू का खनन व निकासी के बदौलत कौशांबी के 2 अधिकारियों की गले की फांस बन गयी है। गौरतलब सूरज रविदास व रामकिशोर आदि के याचिका पर...आगे पढ़ें 

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